उज्जैन/कमलेश जाटवा/खबर डिजिटल/ नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी की तत्परता और सूझबूझ से एक युवक की जान बच गई। थाना प्रभारी द्वारा थाने की नियमित गश्त के दौरान एक अत्यंत संवेदनशील और मानवता से जुड़ा मामला सामने आया। इसी दौरान एक पीड़ित पिता घबराई हुई अवस्था में सड़क पर दौड़ते हुए पहुंचे और बताया कि उनके बेटे ने घर में फांसी लगा ली है।
सीपीआर तकनीक का प्रयोग कर बचाई जान
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने बिना समय गंवाए तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और युवक धैर्य यादव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। परिजन युवक को मृत समझकर विलाप करने लगे, लेकिन थाना प्रभारी ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई सीपीआर तकनीक का प्रयोग कर तुरंत जीवनरक्षक प्रयास शुरू किए।
सीपीआर से जागी आशा की किरण
सीपीआर देने के बाद युवक में जीवन के लक्षण दिखाई देने लगे, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आशा जगी। इसके बाद युवक को प्राथमिक उपचार हेतु तत्काल रतलाम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी को दिया धन्यवाद
इस त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता के लिए पीड़ित परिवार ने थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी एवं नागदा पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। यह घटना पुलिस के कर्तव्यनिष्ठ, संवेदनशील और समाज के प्रति समर्पित स्वरूप का प्रेरणादायक उदाहरण है।


