मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने स्वास्थ्य व महिला एवं बाल विकास विभाग में बेहतर समन्वय जरूरी – कलेक्टर
संयुक्त बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिये निर्देश, जिम्मेदार अधिकारियों पर कारण बताओ नोटिस भी जारी
कटनी, /कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि जिले में मातृ एवं शिशु मृत्युदर कम करने के लिए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ योजनाबद्ध रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने शुक्रवार को दोनों विभागों की संयुक्त बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, महिला एवं बाल विकास सहायक संचालक वनश्री कुर्वेती सहित सभी बीएमओ एवं परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि—
गंभीर कुपोषित बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन कर पोषण ट्रैकर से मॉनिटरिंग हो।
पोषण पुनर्वास केन्द्रों में पूर्ण बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित कर बच्चों को बेहतर पोषण उपचार दिया जाए।
सैम एवं मैम बच्चों का फॉलोअप अनिवार्य रूप से किया जाए।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के वजन का सत्यापन कर तुलनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
लाड़ली लक्ष्मी योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाया जाए।
बैठक में सेवा पखवाड़ा की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संतोष जताया, वहीं रीठी परियोजना की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर तिवारी ने गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव, एएनसी पंजीयन, हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन एवं नियमित जांच पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, टीबी कार्यक्रम और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हितग्राहियों को अधिकतम लाभ पहुँचाने पर जोर दिया।
शहरी क्षेत्र में एएनसी पंजीयन कम पाए जाने पर कलेक्टर ने नगर निगम और निजी नर्सिंग होम्स से गर्भवती महिलाओं का रिकार्ड लेकर पोर्टल में प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, लमतरा ग्राम की मातृ मृत्यु प्रकरण की समीक्षा में लापरवाही पर संबंधित एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा।


