भोपाल/खबर डिजिटल/ कटारा हिल्स इलाके में सोमवार सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने हर किसी को भीतर तक हिला दिया। ग्लोबल पार्क सिटी की 13 वर्षीय आराध्या सिंह, जो सातवीं कक्षा की छात्रा थी, मामूली-सी डांट को दिल पर ले बैठी और फांसी लगाकर इस दुनिया से विदा हो गई।
आराध्या ने अंतिम पलों में एक सुसाइड नोट लिखा, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। उसमें उसने मां से निवेदन किया कि “मेरा शरीर दान कर देना।” इतना ही नहीं, उसने अपने छोटे भाई को अपना कंप्यूटर, टेबल और किताबें देने की बात भी लिखी।
घटना के समय माता-पिता घर पर नहीं थे। पिता परिणाय सिंह (40), जो कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं, सुबह छोटे बेटों को स्कूल छोड़ने गए थे। मां लक्ष्मी ने जब आराध्या का स्कूल बैग चेक किया, तो उसमें सिविक्स की कॉपी नहीं मिली। अधूरी कॉपी देख मां ने उसे डांट दिया और घर पर ही छोड़कर दोनों बेटे स्कूल ले जाने चली गईं। लेकिन यह मामूली डांट आराध्या के नन्हें दिल पर इतनी गहरी लगी कि उसने चरम कदम उठा लिया।
करीब 9 बजे जब परिवार लौटा तो मासूम आराध्या स्कूल बेल्ट और कपड़े के सहारे फंदे से झूल रही थी। घबराए परिजन उसे अस्पताल ले गए, मगर वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आराध्या का यह कदम परिवार के लिए असहनीय सदमा बनकर आया। मासूम की विदाई ने पूरे मोहल्ले को गहरे दर्द में डाल दिया है। परिजन ने निर्णय लिया है कि आराध्या का अंतिम संस्कार उनके पैतृक निवास सतना में किया जाएगा।


