भोपाल/परवेज खान/खबर डिजिटल/ भोपाल जिला वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अलीम कुरैशी को शाहजहानाबाद पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
फर्जी नियुक्ति पत्रों के जरिए दबाव बनाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि अलीम कुरैशी ने वक्फ बोर्ड के नाम से कथित फर्जी नियुक्ति पत्र और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर विभिन्न विभागों में शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों के माध्यम से अधिकारियों पर दबाव बनाकर अवैधानिक लाभ लेने की कोशिश की गई।
लोकायुक्त जांच में पहले ही हो चुका था मामला निपटान
NCRB के एकीकृत जांच फॉर्म (IIF-1) के अनुसार, आरोपी द्वारा 17 अगस्त 2023 को लोकायुक्त संगठन में की गई शिकायत की जांच में आरोपों को निराधार मानते हुए प्रकरण नस्ती कर दिया गया था। इसके बावजूद 13 जनवरी 2025 को उसी विषय में दोबारा शिकायत की गई, जिसकी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वक्फ बोर्ड के नाम से जारी बताए गए नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी थे।
सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, बार-बार शिकायतें कर न केवल शासन को क्षति पहुंचाई गई, बल्कि वक्फ बोर्ड की साख को भी नुकसान पहुंचा और आमजन में भ्रम की स्थिति बनी।
पुलिस सेवा से बर्खास्त रह चुका है आरोपी
गौरतलब है कि अलीम कुरैशी पूर्व में मध्यप्रदेश पुलिस में पदस्थ था, लेकिन भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के चलते उसे सेवा से बर्खास्त किया गया था। इसके बाद वह राजनीति में सक्रिय होकर भोपाल जिला वक्फ कमेटी का अध्यक्ष बना।
रिमांड में बड़े खुलासों की संभावना
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से फर्जी दस्तावेज, शिकायतों के पीछे की साजिश और संभावित वक्फ माफिया नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को इस मामले में और बड़े नाम सामने आने की उम्मीद है।


