भोपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हाउस में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विदिशा संसदीय क्षेत्र के खीवनी खुर्द और इछावर से आए आदिवासी भाई-बहनों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि किसी भी आदिवासी को उसकी पुश्तैनी ज़मीन से बेदखल नहीं किया जाएगा।
बता दें कि हाल ही में सीहोर और देवास ज़िलों में प्रस्तावित अभयारण्यों के लिए वन विभाग द्वारा की जा रही जमीन खाली कराने की कार्यवाही के खिलाफ आदिवासी समुदायों में भारी आक्रोश देखा गया। इसे लेकर शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि “फॉरेस्ट का मार्शल लॉ नहीं चलेगा” और आदिवासियों को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यदि कोई भी विभागीय कार्यवाही किसी भी नागरिक की तकलीफ़ का कारण बन रही है तो उस पर तुरंत संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने वन मंत्री विजय शाह को निर्देशित किया कि वे मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करें।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिन आदिवासी भाई-बहनों की पुश्तैनी जमीनें हैं, उन्हें हटाया नहीं जा सकता। सरकार जनजातीय समाज के अधिकारों की पूरी रक्षा करेगी।


