सिवनी/ खबर डिजिटल/ विशाल भारद्वाज/ सिवनी जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर कलेक्टर नेहा मीना ने शुक्रवार आंगनबाड़ी केंद्र कोहका, केकड़वानी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्रों में पंजीकृत एवं उपस्थित बच्चों की जानकारी प्राप्त की तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।
कलेक्टर ने बच्चों के बौद्धिक एवं शारीरिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की ऊंचाई एवं वजन का परीक्षण कर उनके पोषण स्तर की समीक्षा की तथा बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों का भी अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण आहार वितरण के केंद्र नहीं हैं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं। प्रत्येक पात्र बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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कुपोषित बच्चों की सतत निगरानी और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कुपोषित, अतिकुपोषित एवं कुपोषण के प्रति संवेदनशील बच्चों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ऐसे बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और निर्देश दिए कि इन बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों में बुलाकर आवश्यक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की स्थिति गंभीर है, उन्हें आवश्यकता अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए तथा उनके स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए। साथ ही बच्चों के अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें संतुलित आहार, स्वच्छता, टीकाकरण और बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूक किया जा सके।
कलेक्टर मीना ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग को महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से अतिकुपोषित एवं कुपोषण के प्रति संवेदनशील बच्चों के चिन्हांकन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण प्रबंधन, सतत निगरानी तथा कुपोषण उन्मूलन के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि “कुपोषण मुक्त सिवनी” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर मॉनिटरिंग आवश्यक है।
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निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश
कलेक्टर मीना ने दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जा रहे भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और भोजन तैयार करने में स्वच्छता के मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
बच्चों से आत्मीय संवाद, शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उनसे कविताएं सुनीं और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता और गतिविधियों में उनकी सहभागिता की सराहना की। कलेक्टर मीना ने बच्चों के टीकाकरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र बच्चे का समय पर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
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पोषण वाटिका की सराहना, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश
आंगनबाड़ी केंद्र केकड़वानी में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा विकसित पोषण वाटिका का अवलोकन कर उसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि पोषण वाटिकाएं बच्चों को ताजी एवं पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं और इन्हें अन्य केंद्रों में भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। केंद्र में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की सराहना की।
वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र कोहका में सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में उगी झाड़ियों की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
