रीवा/ अरविन्द तिवारी/ खबर डिजिटल/ छिंदवाड़ा में कोल्डड्रिफ कफ सिरप पीने से 20 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद आखिरकार प्रदेश सरकार हरकत में आई है। सरकार ने प्रदेशभर के सभी चिकित्सकों को बाल्य एवं शिशु रोग विभाग के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। नई गाइडलाइन के अनुसार 0 से 2 वर्ष के बच्चों को किसी भी प्रकार का सिरप देने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, वहीं 3 से 5 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को सिरप केवल बाल रोग विशेषज्ञ की प्रत्यक्ष निगरानी में ही दिया जा सकेगा। रीवा के संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि शासन से प्राप्त एडवाइजरी का पीडियाट्रिक विभाग में तत्काल सरकुलेशन कर दिया गया है, और चिकित्सकों को दिशा- निर्देशों के सख्त पालन के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य बिन्दु –
20 बच्चों की मौत के बाद जागी प्रदेश सरकार।
कोल्डड्रिफ से 20 मासूमों की मौत के बाद शासन सख्त
जीरो से 2 साल तक सिरप पर पूर्ण प्रतिबंध
3 से 5 वर्ष के बच्चों को सिरप केवल चिकित्सक की निगरानी में
शासन ने बाल रोग विशेषज्ञों को जारी की सख्त एडवाइजरी
रीवा मेडिकल कॉलेज में गाइडलाइन लागू
Gold Silver Price Today in MP: सोने के साथ चांदी की चमक बढ़ी, जानिए आज का भाव – Khabar Digital
भारतीय अधिकारियों ने दी जानकारी
भारतीय अधिकारियों से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पूछा था कि क्या बच्चों की मौत से जुड़े कफ सिरप अन्य देशों में निर्यात किए गए थे। WHO ने कहा कि वह मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने से हुईं बच्चों की मौतों की हालिया मीडिया रिपोर्टों पर नजर रख रहे हैं। इन मामलों में एक्यूट रीनल फेल्यर और एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम जैसे लक्षण दिखे हैं, जिनका संबंध ओरल सिरप के उपयोग से है।
मेडिकल स्टोर्स से मंगाई तीनों कफ सिरप
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को जानकारी दी है कि कोल्ड्रिफ, रेस्पिफ्रेशटीआर और रिलाइफ को मेडिकल स्टोर्स से वापस मंगा लिया गया है, और निर्माताओं को इनका उत्पादन रोकने का आदेश दिया गया है। इससे पहले CDSCO ने बुधवार को WHO को बताया था कि इनमें से किसी भी कफ सिरप का भारत से दूसरे देशों में निर्यात नहीं किया गया है।
कोल्ड्रिफ समेत समेत तीन कफ सिरप प्रतिबंधित, WHO को सरकार ने भेजा जवाब – Khabar Digital
प्रदेशों के ड्रग कंट्रोलर्स से किया आग्रह
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोलर्स से अपील की और कहा कि मध्य प्रदेश में कथित तौर पर दूषित कफ सिरप के कच्चे माल और तैयार दवाओं का बाजार में रिलीज से पहले परीक्षण सुनिश्चित करें। DCGI की एक एडवाइजरी में कहा गया कि हाल की जांच में कई दवाओं को मानक गुणवत्ता वाला नहीं पाया गया। परीक्षण में पाया गया कि इन दवाओं का प्रोडक्शन करने वाली कंपनियां रॉ मैटेरियल का निर्धारित मानकों के अनुपालन के लिए परीक्षण नहीं कर रही हैं।


