मध्यप्रदेश के धार जिले में पुलिस विभाग ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया है. पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने जिले की कई पुलिस चौकियों और थानों में अधिकारियों की नई पदस्थापना की है. इस फेरबदल के तहत नौ पुलिस चौकियों के प्रभारियों को बदला गया है. लंबे समय से एक ही जगह पर जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ अधिकारियों को हटाकर थानों में भेजा गया है, जबकि कई नए अधिकारियों को चौकियों की कमान सौंपी गई है.
कोतवाली थाने में बढ़ाई गई पुलिस अधिकारियों की संख्या
पदस्थापना में धार शहर के कोतवाली थाने को खास प्राथमिकता दी गई है. गंभीर आपराधिक मामलों की जांच और विवेचना के लिए एसआई स्तर के अधिकारियों की जरूरत को देखते हुए कोतवाली थाने में पांच सब इंस्पेक्टर की तैनाती की गई है. इसके अलावा उप निरीक्षक भूपेंद्र खरतिया को साइबर क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी दी गई है.
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार उप निरीक्षक सुशील यदुवंशी को सिंघाना चौकी से हटाकर दोत्रिया चौकी भेजा गया है. नवलसिंह बघेल को सरदारपुर से डेहरी चौकी, प्रशांत पाल को बाकानेर से थाना मनावर और मनोज पाटीदार को मनावर से बाकानेर चौकी की जिम्मेदारी मिली है.
इसी तरह बालकृष्ण मिश्रा को कानवन से घाटाबिल्लोद चौकी, विनय परमार को गंधवानी से सेक्टर एक पीथमपुर और रवि वास्कले को रक्षित केंद्र धार से थाना धरमपुरी भेजा गया है. अतुल जोशी को धरमपुरी से कोतवाली तथा हिना जोशी को दोत्रिया चौकी से सेक्टर एक थाने में पदस्थ किया गया है.
कई अधिकारियों को थानों और चौकियों में मिली नई जिम्मेदारी
जगदीश चौहान को रक्षित केंद्र से कोतवाली, जयपाल बिल्लौरे को नालछा से निसरपुर चौकी और मनीष चौधरी को मनावर से जीराबाद चौकी भेजा गया है. वहीं अनुपसिंह बघेल को कुक्षी से सिंघाना चौकी, अश्विन चौहान को उमरबन चौकी से कुक्षी थाना और प्रकाश अलावा को कुक्षी से उमरबन चौकी की जिम्मेदारी दी गई है.
जितेंद्र नरवरिया को रिंगनोद चौकी तथा प्रेमसिंह हटिला को रक्षित केंद्र से कोतवाली थाना भेजा गया है. इसके साथ ही गिरदार बघेल को मनावर से कुक्षी थाना, नरबदसिंह ठाकुर को अमझेरा से कोतवाली और राजेंद्र सिंह ठाकुर को महिला थाना से पीथमपुर भेजा गया है.
एएसआई स्तर पर भी हुआ बदलाव
पुलिस विभाग में केवल एसआई स्तर पर ही नहीं, बल्कि सहायक उप निरीक्षक यानी एएसआई की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया है. कुल आठ एएसआई को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. पुलिस विभाग के इस फेरबदल का उद्देश्य थानों और चौकियों में पुलिस व्यवस्था को बेहतर करना तथा अपराधों की जांच और कानून व्यवस्था से जुड़े कामों को अधिक प्रभावी बनाना माना जा रहा है.
