Monday, November 2, 2026
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दबंगई की इंतहा… रात के अंधेरे में सरकारी यात्री प्रतीक्षालय पर चला जेसीबी

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

डिंडोरी/शैलेश नामदेव /खबर डिजिटल/ जिले के विक्रमपुर ग्राम अंतर्गत ग्राम पंचायत कसई सोढ़ा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अज्ञात तत्वों ने कानून को ताक पर रखकर सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है। शुक्रवार की रात बस स्टैंड परिसर में स्थित वर्षों पुराने शासकीय यात्री प्रतीक्षालय को जेसीबी मशीन से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्याप्त है।

​क्या है पूरा मामला?
​ग्रामीणों के अनुसार, यह यात्री प्रतीक्षालय वर्षों से राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा था। गर्मी के दिनों में यहां प्याऊ की व्यवस्था भी की जाती थी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलती थी। वर्तमान में राजमार्ग पर नाली निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि प्रतीक्षालय इस निर्माण कार्य में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं कर रहा था। इसके बावजूद, शुक्रवार की रात सुनियोजित तरीके से इसे जमींदोज कर दिया गया।

​ग्राम पंचायत ने की सख्त कार्रवाई की मांग
​घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायत कसई सोढ़ा ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस चौकी विक्रमपुर में इस संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
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सरपंच का बयान: सरपंच ने इसे शासकीय संपत्ति को जानबूझकर पहुँचाई गई क्षति बताया और दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
​उपसरपंच का आक्रोश: उपसरपंच ने इस घटना को सीधे तौर पर ‘गुंडागर्दी’ करार देते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

​ग्रामीणों की चेतावनी और प्रमुख मांगें
​समस्त ग्रामवासी कसई सोढ़ा (विक्रमपुर) ने एक स्वर में प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

​FIR और जुर्माना: दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए और उनसे भारी जुर्माना वसूला जाए।
​पुनर्निर्माण: वसूले गए जुर्माने की राशि से ही उसी स्थान पर नए यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाए।
​मशीन की जब्ती: घटना में प्रयुक्त जेसीबी मशीन को जल्द से जल्द चिह्नित कर जब्त किया जाए।
​चेतावनी: ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर दोषियों पर कार्रवाई और प्रतीक्षालय का पुनर्निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ​फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है।

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