सिवनी/ राकेश यादव/ खबर डिजिटल/ जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मौठार में लंबे समय से व्याप्त शिक्षकों की कमी अब दूर हो गई है। समाचार पत्र में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए विद्यालय में नियमित शिक्षक की नियुक्ति कर दी है।
एक अतिथि शिक्षक के भरोसे थी 34 बच्चों की पढ़ाई
उल्लेखनीय है कि इस प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक कुल 34 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अब तक यहां की पूरी शिक्षण व्यवस्था केवल एक अतिथि शिक्षक के कंधों पर टिकी थी। एक ही शिक्षक के लिए पांच अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना न केवल चुनौतीपूर्ण था, बल्कि व्यवहारिक रूप से असंभव भी साबित हो रहा था।
शिक्षक की अनुपस्थिति में ठप हो जाती थी पढ़ाई
ग्रामीणों ने बताया कि जब कभी अतिथि शिक्षक अवकाश या किसी अन्य कार्यवश स्कूल नहीं आते थे, तो बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाती थी। ऐसी स्थिति में बच्चे बिना किसी मार्गदर्शन के स्कूल में समय बिताने को मजबूर थे। अभिभावकों में इस अव्यवस्था को लेकर लंबे समय से गहरा असंतोष था, क्योंकि प्राथमिक स्तर पर बच्चों की नींव कमजोर हो रही थी।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में हर्ष
ग्रामीणों की निरंतर मांग और मीडिया में मामला उछलने के बाद, जिला शिक्षा अधिकारी ने स्थिति की समीक्षा की और तत्काल एक नियमित शिक्षक की पदस्थापना के आदेश जारी किए। नियमित शिक्षक के कार्यभार ग्रहण करने से अब विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण बेहतर होने की उम्मीद है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस प्रशासनिक निर्णय का स्वागत करते हुए हर्ष व्यक्त किया है।


