Monday, November 2, 2026
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हर रविवार स्वच्छता का त्यौहार, डिंडौरी बना मिसाल

डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ जीवनदायिनी माँ नर्मदा को स्वच्छ और निर्मल बनाने का सपना अब डिंडौरी जिले में जन-जन का संकल्प बन चुका है। जिला प्रशासन के द्वारा शुरू किया गया मैया स्वच्छता अभियान अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जहाँ हर रविवार की सुबह सैकड़ों हाथ मिलकर नर्मदा के घाटों को नया रुप दे रहे हैं।

प्रत्येक रविवार को जिले के सभी प्रमुख नर्मदा घाटों पर बड़े रुप में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के नेतृत्व में नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग, आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, व्यापारी संघ के सदस्य और कई स्वयंसेवी संगठन सुबह-सुबह घाटों पर पहुच कर घाटों की साफ सफाई करते हैं।

इस अभियान में प्लास्टिक, पूजन सामग्री, कचरा और नदी में जमी गंदगी को हटाया जाता है। लगातार चल रहे इस प्रयास का परिणाम अब घाटों पर साफ दिखाई देने लगा है। जहाँ पहले गंदगी का ढेर लगा रहता था, अब वहाँ स्वच्छता और सुंदरता नजर आती है। नदी का जल भी पहले की तुलना में अधिक साफ हुआ है।

प्रशासन का मानना है कि केवल सफाई करने से नदी स्वच्छ नहीं रहेगी, जब तक लोग अपनी आदतें नहीं बदलेंगे। इसलिए सफाई के साथ-साथ घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को जागरूक भी किया जा रहा है।

नर्मदा नदी में साबुन, शैम्पू, डिटर्जेंट का उपयोग बिल्कुल न करें। पूजन सामग्री, फूल-माला और अन्य अपशिष्ट पदार्थ नदी में न प्रवाहित करें। निर्धारित स्थानों पर ही डालें। घाटों पर गंदगी न फैलाएँ और स्वच्छता नियमों का पालन करें।

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा, “माँ नर्मदा हमारी आस्था का केंद्र हैं। हम जिस नदी की पूजा करते हैं, उसे स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त रखना हम सभी का पहला कर्तव्य है। मैं जिले के प्रत्येक नागरिक से आग्रह करती हूँ कि वे इस अभियान से जुड़ें। जब तक समाज का हर वर्ग आगे नहीं आएगा, तब तक नदी को पूरी तरह निर्मल नहीं बनाया जा सकता। यह केवल सरकारी अभियान नहीं, यह हम सबका अभियान है।”

“जल गंगा संवर्धन अभियान” का मुख्य उद्देश्य केवल नर्मदा ही नहीं, बल्कि जिले के सभी तालाबों, बावड़ियों और जल स्रोतों का संरक्षण करना है। डिंडौरी की यह पहल आज पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गई है।

माँ नर्मदा को निर्मल बनाने की यह यात्रा निरंतर जारी है, और हर रविवार को बढ़ता जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि डिंडौरी ने स्वच्छता को सच में एक आंदोलन बना दिया है।

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