घंसौर(सिवनी)/मनोज नामदेव/खबर डिजिटल/ घंसौर जनपद पंचायत में प्रशासनिक अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी शीतल ठाकुर ने सख्त रुख अपनाया है। पंचायत कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। दिनांक 15 दिसंबर 2025 के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि ग्राम पंचायत रमपुरी सचिव जयंत मरकाम एवं सचिव धरम सिंह सल्लाम ग्राम पंचायत खमदेही में ग्राम पंचायतों में सचिव बिना पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित थे।
ग्राम पंचायत कार्यालय पाए गए बंद
निरीक्षण के समय संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय बंद पाए गए, वहीं अधिकारियों द्वारा किए गए फोन कॉल भी सचिवों द्वारा रिसीव नहीं किए गए, जिससे शासकीय कार्यों के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। सीईओ शीतल ठाकुर ने स्पष्ट किया कि पंचायत कार्यालयों में इस प्रकार की अनियमितता शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधक बनती है, और यह कर्तव्यहीनता व अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस में संबंधित सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
संतोषजनक जवाब ने मिलने पर होगी कार्रवाई
संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में उनके विरुद्ध उच्च कार्यालय को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाएगा। साथ ही इस लापरवाही के चलते संबंधित सचिवों को दो दिवस का अवैतनिक अवकाश भी घोषित किया गया है। सीईओ शीतल ठाकुर ने यह भी कहा कि जनपद पंचायत क्षेत्र में प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता उनकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से वे लगातार ग्राम पंचायतों का सघन निरीक्षण और दौरा कर रही हैं, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक समय पर पहुंच सके। उन्होंने सभी पंचायत सचिवों एवं कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्तव्य में कोताही करने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है, जबकि ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं प्रशासनिक हलकों में सीईओ की इस कार्रवाई को अनुशासन स्थापित करने की दिशा में सख्त लेकिन जरूरी कदम माना जा रहा है, जिससे पंचायत व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।ट


