आलीराजपुर/संजय वाणी/खबर डिजिटल/ 21 अक्टूबर को श्रीराम गौशाला आलीराजपुर में श्रद्धा और उत्साह के साथ गौवर्धन पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांसद अनिता नागर सिंह चौहान, कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान, कलेक्टर नीतु माथुर, एसडीएम तपीश पाण्डे ने मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक विरासत सहेजने के लिये गौवर्धन पूजन कर गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये प्रेरित किया।
सांसद ने बताया गौवर्धन पूजा का महत्व
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद अनिता नागर सिंह चौहान द्वारा गौवर्धन पूजा के महत्व को बताते हुए भारतीय संस्कृति पर्यावरण संरक्षण एवं गौसंवर्धन का प्रतीक होकर प्रकृति के प्रति संवेदशील होने के बारे में समझाया गया । सांसद एवं कलेक्टर द्वारा गौशाला प्रांगण में रंगोली बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
गौपूजन बेहद ही जरुरी – नागर सिंह चौहान, मंत्री
कैबिनेट मंत्री द्वारा गौपूजन के महत्व को बताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिवाली के दूसरे दिन गौपूजन के महत्व के बारे में बताया गया। गौशाला को उत्कृष्ट बनाने के लिये जिला प्रशासन को सहयोग करने हेतु निर्देशित किया गया।
कलेक्टर ने की जनता से अपील
कलेक्टर नीतु माथुर ने उपस्थित समस्त नागरिकों से गौसंरक्षण के लिये दैनिक जीवन में पॉलीथिन का उपयोग नही करने की अपील की। जिला प्रशासन की तरफ से गौशाला को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया गया। कलेक्टर द्वारा गौशाला में गौकाष्ट से निर्मित दिये, गमले और लकडी बनाने के लिये पशु पालन विभाग को आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिये गये।
कार्यक्रम में श्रीराम गौशाला समिति संयोजक गणपत गुप्ता, ग्वाल सेवा संघ के संरक्षक श्री मदन नगवाडीया, श्रीराम गौशाला धेनु शक्ति संघ की अध्यक्ष पूर्णिमा व्यास के साथ श्रीराम गौशाला समिति अध्यक्ष सुनील राठौड द्वारा संबोधित किया गया। श्रीराम गौशाला समिति द्वारा वर्ष 2025 में गौसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये सांसद, कैबिनेट मंत्री और कलेक्टर द्वारा समिति के अध्यक्ष और सदस्यों को शील्ड प्रदान कर समिति द्वारा गौसेवा के कार्य को सराहा गया। कार्यक्रम का समापन अतिथियों द्वारा गायत्री मंत्रोच्चारण के साथ गौवर्धन पूजन, गौपूजन व गौवंश को गौग्रास देकर किया गया। कार्यक्रम में पशु पालन विभाग के उपसंचालक डॉ. एम.एस. खरत, गौशाला नोडल अधिकारी डॉ. बैरवा सहित अधिकारी कर्मचारी सम्मिलित हुये कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिव प्रताप चौहान द्वारा किया गया ।


