गुना/तेजसिंह यादव/ मध्य प्रदेश के गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के चक चुरेला गांव में हुई बड़ी चोरी का पुलिस ने महज छह दिन में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर 985.150 ग्राम सोने के जेवर बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 1.47 करोड़ रुपये बताई गई है।
चोरी की वारदात 2-3 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि बाबूलाल मीना के घर में हुई थी। आरोपी घर में रखी तिजोरी चोरी कर ले गए थे। तिजोरी में सोने-चांदी के जेवर, 11.50 लाख रुपये नकद और एक हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल रखी थी।
छह दिन में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा चोरी की संपत्ति बरामद करने के निर्देश दिए। घटनास्थल और आसपास CCTV कैमरे उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान करना बड़ी चुनौती थी।
पुलिस टीमों ने फिंगर प्रिंट टीम और डॉग स्क्वाड की मदद से साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और मैदानी जांच के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल की गई।
मध्य प्रदेश से राजस्थान तक तलाश
आरोपियों की पहचान के बाद पुलिस टीमों ने मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी, विदिशा, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, भोपाल, इंदौर, शाजापुर, देवास और श्योपुर सहित कई स्थानों पर तलाश की। इसके अलावा राजस्थान के बारां, कोटा, झालावाड़, छबड़ा और कवई क्षेत्र में भी दबिश दी गई।
दो आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश
पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को राजू पुत्र कवरया पारदी (35) और गजानंद पुत्र देवला पारदी (48), दोनों निवासी ग्राम कनेरा, थाना धरनावजा, जिला गुना को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 985.150 ग्राम सोने के जेवर बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 1,47,77,250 रुपये है।
मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
संपत्ति संबंधी अपराधों पर जीरो टॉलरेंस
गुना पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक हितिका वासल की लगातार मॉनिटरिंग, तकनीकी विश्लेषण और विभिन्न पुलिस टीमों के बीच बेहतर समन्वय की अहम भूमिका रही। पुलिस ने कहा है कि संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
