बुधनी/कन्हैयालाल नाथ/खबर डिजिटल/ जनपद पंचायत अंतर्गत तहसील बुधनी की महूकला पंचायत के ग्राम ग्वाड़िया प्लाट की एक बस्ती पिछले कई वर्षो से बुनियादी सुविधा सड़क से वंचित है। करीब 700 से अधिक लोग इस बस्ती में निवास करते हैं, लेकिन आज तक यहां पक्की सड़क या सुरक्षित पैदल मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है।
स्कूल जाने में बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार बस्ती के चारों ओर सालभर पानी भरा रहता है, जिससे रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, कपड़े खराब हो जाते हैं और स्कूल जाना तक मुश्किल हो जाता है।
आपात स्थिति में जान जोखिम में
सड़क न होने के कारण बस्ती तक न तो वाहन पहुंच पाते हैं और न ही सुरक्षित पैदल आवागमन संभव है। बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बाहर ले जाना बेहद जोखिम भरा हो जाता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
शिकायतों के बाद भी सिर्फ आश्वासन
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की। अधिकारी कई बार मौके पर पहुंचे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर लौट गए। आरोप यह भी है कि शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाता है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र रहा है, इसके बावजूद हरिजन बस्ती को सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं भाजपा पदाधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर जल्द सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
अब सवाल यह है कि ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी, या उन्हें सड़क के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।


