हरदा/नौशाद खान/खबर डिजिटल/ जिले की कृषि उपज मंडी एक मॉडल मंडी है जिसमें किसानों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद बवाल मचा हुआ है। किसानों ने वीडियो बनाकर बताया कि उन्हें किस तरह की सब्जी परोसी जा रही है, जबकि वो खुद अन्नदाता है। उन्हीं को ढंग का खाना नसीब नहीं हो रहा है, और जिम्मेदार आंखे मूंदकर बैठे हैं।
भीम आर्मी ने की कलेक्टर से शिकायत
मामले की शिकायत भीम आर्मी के महेंद्र काशिव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर की। वहीं, भीम आर्मी के संभाग संयोजक महेंद्र काशिव मेहरा ने जिला प्रशासन से जांच की मांग भी की, उनका कहना है कि गरीब किसानों को अस्वच्छ भोजन देना अस्वीकार्य है। प्रशासन ने मामले की सत्यता की जांच शुरू कर दी है। यदि लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार पर एफएसएसएआई मानकों के उल्लंघन व आईपीसी की धारा 269 और 273 के तहत कार्रवाई संभव है।
मंडी सचिव ने किसानों के साथ किया भोजन
इधर शिकायत के बाद। मंडी सचिव ने स्वयं मौके पर पहुंचकर भोजन का निरीक्षण किया और किसानों के साथ बैठकर भोजन किया। मंडी सचिव ने कहा कि — “हरदा मंडी में संचालित कैंटीन पिछले लगभग 20 वर्षों से चल रही है। यहां मात्र 5 रुपये में किसानों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। आज तक किसी किसान या व्यक्ति द्वारा कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वायरल वीडियो की जांच के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है, परंतु प्रारंभिक जांच में भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई है।” हालांकि अब देखना होगा कि वायरल वीडियो की जांच में क्या कुछ निकलकर सामने आता है, इसका इंतजार किसानों को है।
