सौरभ श्रीवास्तव कटनी, संवाददाता –शहर में एक बार फिर तथाकथित होटलों की गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि शहर और आसपास संचालित कुछ होटलों में अनैतिक व अवैध गतिविधियों के पनपने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवाल प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर देर रात तक संदिग्ध गतिविधियां देखी जाती हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों का दावा है कि इन स्थानों पर बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही बढ़ी हुई है, जिससे आसपास के रहवासियों में असंतोष और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि ऐसी गतिविधियां वास्तव में संचालित हो रही हैं, तो यह कानून-व्यवस्था और सामाजिक मर्यादाओं दोनों के लिए चुनौती है।जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर सवालसबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है? या फिर जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
शहर में यह चर्चा भी है कि कहीं न कहीं निगरानी तंत्र में ढिलाई या संरक्षण की आशंका से इन गतिविधियों को बढ़ावा तो नहीं मिल रहा।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि संदिग्ध होटलों की सूची बनाकर सघन जांच अभियान चलाया जाए। यदि आरोप निराधार साबित हों तो स्थिति स्पष्ट की जाए, और यदि कोई अवैध कारोबार संचालित पाया जाए तो संबंधितों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये जन अपेक्षाशहरवासियों का कहना है कि पारदर्शी जांच और समयबद्ध कार्रवाई से ही सच्चाई सामने आएगी। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह स्पष्ट रुख अपनाए, ताकि शहर की छवि और सामाजिक व्यवस्था पर कोई आंच न आए।


