भोपाल/जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन ने हाल ही में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 2010 बैच के सख्त और निडर अफसर IAS दीपक कुमार सक्सेना को नई जिम्मेदारी सौंपी है। जबलपुर कलेक्टर रहे दीपक कुमार सक्सेना को अब भोपाल स्थित जनसंपर्क संचालनालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) सह आयुक्त और साथ ही मध्यप्रदेश माध्यम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया है।IAS दीपक सक्सेना न केवल प्रशासनिक तौर पर दक्ष हैं, बल्कि एक ऐसे अफसर हैं जो जनता से जुड़ते हैं, उनकी समस्याओं को सुनते हैं और समाधान भी करते हैं। नई जिम्मेदारी में भी उनसे यही उम्मीद है कि वे जनसंपर्क और शासन की योजनाओं की प्रभावी ब्रांडिंग के जरिए शासन की नीतियों को आमजन तक पहुंचाने में सफल होंगे।
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सख्त कलेक्टर की पहचान
IAS Deepak Saxena, जबलपुर में अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा और मेडिकल माफिया पर सख्ती से कार्रवाई करने में कोई चूक नहीं की। निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम, फीस वसूली पर नियंत्रण, मेडिकल और धान उपार्जन में सुधार, मेडिकल माफिया पर भी कार्रवाई कर फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया। धान उपार्जन में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को निलंबित करने जैसे जनता के हितों को ध्यान में रखकर अनेक काम करते रहें हैं। इसकी एक लंबी फहरिस्त है।
उज्जैन से है पुराना नाता
कलेक्टर दीपक सक्सेना 2010 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई गुना में पूरी की। उस समय उनके पिता का तबादला उज्जैन हो गया, जिसके बाद आगे की पढ़ाई वहीं से जारी रखी। शुरू से ही वे गणित में काफी निपुण थे। उन्होंने गणित विषय से M.Sc. की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बैंक की परीक्षा दी और नौकरी भी लग गई। लेकिन बैंक की नौकरी से उन्हें संतुष्टि नहीं मिली। उन्होंने वह नौकरी छोड़ दी और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए। पहले ही प्रयास में उनका चयन MPPSC (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) के माध्यम से हो गया। उन्होंने यह सफलता इतिहास और मानव शास्त्र विषयों के साथ अध्ययन कर हासिल की और फिर निरंतर प्रगति करते गए। IAS दीपक सक्सेना का पारिवारिक जीवन भी पूर्ण था — पत्नी, एक बेटा और एक बेटी। लेकिन एक हादसे ने उनके परिवार को गहरे दुख में डाल दिया। उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।
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जनता से 24×7 जुड़ाव
IAS दीपक सक्सेना का सबसे बड़ा गुण जनसंपर्क और संवेदनशीलता। उनका मोबाइल नंबर हर आम नागरिक के पास मौजूद है और वे दिन-रात किसी भी समय फोन रिसीव करने वाले अफसर के रूप में पहचाने जाते हैं। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना, यह एक ऐसा नाम है, जिससे जबलपुर में सभी लोग परिचित होंगे। मध्य प्रदेश में भी तमाम लोग इनसे परिचित होंगे। इनका मोबाइल नंबर ज्यादातर लोगों के पास होगा। जबलपुर की जनता आज भी उन्हें ईमानदार, निष्पक्ष और दबंग अफसर मानती है। लोगों का कहना है कि उनके कार्यकाल में प्रशासन पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहा।
जबलपुर में रिकॉर्ड रूम का डिजिटल मॉडल
IAS दीपक कुमार सक्सेना ने जबलपुर कलेक्टर कार्यालय के रिकॉर्ड रूम को डिजिटाइजेशन के जरिए नया रूप दिया। पहले जहां फाइल निकालने में कई दिन लग जाते थे, वहीं अब यह ऑनलाइन प्रक्रिया से मिनटों में संभव है। यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन गया।अब सक्सेना जी की इस मिसाल को भी सभी जिलों में लागू किया जा रहा है। दीपक सक्सेना जी का मानना है कि लोगों के साथ कम्युनिकेशन बढ़ाने के साथ ही मेहनत पर भरोसा रखना सबसे जरूरी है।
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