भोपाल/ खबर डिजिटल/ CM मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में साइबर पंजीयन कार्यालय cyber panjiyan mp का किया शुभारंभ। उन्होंने कहा कि साइबर पंजीयन से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को प्रोत्साहन मिलेगा। अब तक 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है। राज्य सरकार ने 55 जिलों में साइबर तहसील परियोजना को लागू किया है, जिसमें राजस्व बंटवारा, नामांतरण की प्रक्रिया भी संपदा 2.0 से हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय अधिकारी साइबर पंजीयन सुविधा के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ मौजूदा वित्त वर्ष में अपने लक्ष्य पूरे करें।
पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकास के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, शुचिता, तत्परता, तीक्षणता, नवाचार और जनकल्याण को प्रोत्साहन दे रही है। पंजीयन विभाग द्वारा साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ इसी संकल्प की सिद्धि का उदाहरण है।
डिजिटल क्रांति में मध्यप्रदेश सबसे आगे
संपदा 1 और संपदा 2.0 के बाद प्रदेश में साइबर पंजीयन की प्रक्रिया का आरंभ होना तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत है। बदलते दौर में मध्यप्रदेश तेजी से बदल रहा है। डिजिटल क्रांति के माध्यम से मध्यप्रदेश भारत का पहला राज्य है, जिसने लोन, मुख्तयारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा, पावर आफ अटार्नी, पार्टनरशिप डीड जैसी 75 से अधिक सेवाओं के लिए साइबर पंजीयन प्रारंभ किया है। राज्य सरकार की इस नवाचारी पहल में पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को प्रोत्साहन मिल रहा है। यह नई पीढ़ी के लिए पर्यावरण और पारदर्शिता के मामले में महत्वपूर्ण होगी।
साइबर पंजीयन प्रक्रिया को देशभर में मिल रही सराहना
उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2024-25 में दस्तावेजों के पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग के लिए एडवांस सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 लागू किया। इससे चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज डिजिटल और पेपरलेस तरीके से पंजीकृत हो रहे हैं। कई दस्तावेज तो ऐसे हैं जिनके लिए किसी को उप-पंजीयक कार्यालय भी नहीं आना पड़ता है। सबसे पहले गुना,हरदा, रतलाम और डिण्डौरी जिलों में नए ई-पंजीयन और ई- स्थम्पिंग सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 का सफल पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था।
प्रदेश के नवाचारों को देशभर में सराहा गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जारी इन नवाचारों के लाभ प्रदेश के नागरिकों को मिल रहे हैं। पंजीयन से जुड़ी कार्यों को त्रूटि रहित पूरा करने के लिए प्रदेशभर के 14 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।


