मनीष तिवारी/ खबर डिजिटल/जबलपुर/ मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को 1857 की क्रांति की महानायिका, रानी अवंती बाई लोधी की 168वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण भावांजलि अर्पित की। जबलपुर के धनवंतरि नगर स्थित प्रतिमा स्थल पर आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में उन्होंने रानी की वीरता को याद करते हुए उनके चरणों में नमन किया।

वीरता और स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति
सभा को संबोधित करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी मात्र एक शासिका नहीं, बल्कि साहस और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक थीं। उन्होंने उस दौर में अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह किया जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उनकी अदम्य राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान आज भी करोड़ों भारतीयों के हृदय में देशभक्ति की लौ प्रज्वलित करता है।
औपचारिकता नहीं, संकल्प का मार्ग
मंत्री पटेल ने इस गौरवशाली दिवस को एक नई परिभाषा देते हुए इसे संकल्प दिवस के रूप में मनाने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि महापुरुषों को याद करना केवल पुष्प अर्पित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। पटेल के अनुसार, समाज ने हमें जिस विश्वास के साथ चुना है, उस पर खरा उतरना ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। जब हम समाज के अंतिम व्यक्ति की पीड़ा को अपनी चुनौती मानकर उसका समाधान करेंगे, तभी हम वीरांगना रानी अवंती बाई को सच्ची श्रद्धांजलि दे पाएंगे।

सामाजिक एकजुटता का प्रदर्शन
इस अवसर पर मंत्री पटेल के साथ उनके अनुज एवं पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपस्थित जनसमूह ने रानी के शौर्य गाथाओं का स्मरण किया और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य व सेवा के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम ने न केवल ऐतिहासिक गौरव को रेखांकित किया, बल्कि वर्तमान सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति भी जनचेतना जगाई।
