राकेश यादव/ खबर डिजिटल/सिवनी/ जिले स्थित इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल के प्रसूति वार्ड में भर्ती एक गर्भवती महिला और उसके परिजनों के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि इलाज के नाम पर रुपयों की मांग भी की गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
लापरवाही और अभद्रता का शिकार हुए परिजन
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गर्भवती महिला की स्थिति काफी नाजुक थी और उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी। परिजनों का दावा है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने इलाज शुरू करने में अनावश्यक देरी की। जब परिजनों ने इस देरी का विरोध किया, तो स्टाफ ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी।
इलाज के बदले सुविधा शुल्क की मांग
मामला तब और अधिक तूल पकड़ गया जब परिजनों ने स्टाफ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि कुछ कर्मचारियों ने इलाज को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट रूप से रुपयों की मांग की। इलाज के बदले रिश्वत के इस आरोप ने सरकारी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गहरा दाग लगा दिया है।
प्रशासनिक रुख और जांच का आश्वासन
हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर दोषियों की पहचान की जाएगी और सिद्ध होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जनता में आक्रोश
इस घटना ने स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में इस तरह की अव्यवस्थाएं आम होती जा रही हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाई जाए और दोषी कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए ताकि गरीब मरीजों को बिना किसी डर और लालच के उचित इलाज मिल सके।


