सब-हेडलाइन:–109 मामले दर्ज, लाखों की शराब जब्त—फिर भी सवाल: क्या जड़ से खत्म होगा अवैध कारोबार?
कटनी– जिले में अवैध शराब का काला कारोबार लगातार गहराता जा रहा है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन शिकंजा” के बावजूद यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर शराब माफियाओं का नेटवर्क इतना मजबूत कैसे हो गया कि बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत 109 मामलों में कार्रवाई करते हुए 109 आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान 475 लीटर अवैध देशी शराब, 19 लीटर कच्ची शराब, 24 पाव अंग्रेजी शराब और 6 बीयर बोतल जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत करीब 2 लाख 98 हजार 720 रुपए बताई जा रही है।हालांकि इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी यह साफ संकेत देती है कि जिले में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से बेखौफ चल रहा था। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब का उत्पादन और बिक्री होती रही, और जिम्मेदार तंत्र को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि कार्रवाई के बाद भी वे फिर सक्रिय हो जाते हैं। कई इलाकों में खुलेआम कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री जारी रहने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।पुलिस ने भले ही ऑपरेशन शिकंजा के जरिए सख्ती दिखाई हो, लेकिन यह देखना होगा कि यह अभियान सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर न रह जाए। यदि जड़ तक कार्रवाई नहीं हुई, तो यह नेटवर्क फिर से खड़ा होने में देर नहीं लगेगी।कटनी पुलिस ने आम नागरिकों से सूचना देने की अपील जरूर की है, लेकिन असली चुनौती है—क्या सिस्टम अंदर तक सफाई करने को तैयार है या नहीं?
