P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशकटनीखेत तालाब बना समृद्धि का स्रोत: सिंचाई और मछली पालन से बदली...

खेत तालाब बना समृद्धि का स्रोत: सिंचाई और मछली पालन से बदली किसान अशोक की तस्वीर

सब-हेडलाइन:–मनरेगा से मिला सहारा, अब बढ़ रही आमदनी और मजबूत हो रहा ग्रामीण अर्थतंत्र

सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी, 13 अप्रैल–ग्रामीण अंचल में योजनाओं का सही क्रियान्वयन कैसे किसी की जिंदगी बदल सकता है, इसका सशक्त उदाहरण जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत लखनवारा में देखने को मिला है। यहां के किसान अशोक जायसवाल के लिए मनरेगा योजना के तहत बना खेत तालाब आर्थिक समृद्धि का द्वार खोल चुका है।मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत खेत तालाब ने न केवल उनके खेतों की प्यास बुझाई, बल्कि उनकी आय के नए रास्ते भी खोल दिए। अब अशोक जायसवाल सिंचाई के साथ-साथ मछली पालन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।पानी से बदली तकदीरखेत तालाब निर्माण के बाद वर्षा जल का संचयन संभव हुआ, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि हुई। पहले जहां सिंचाई के लिए पानी की कमी बनी रहती थी, वहीं अब फसलों को समय पर पानी मिलने से उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है।अशोक बताते हैं कि अब वे अपनी उपज को स्थानीय बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। साथ ही तालाब में मछली पालन से उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिल गया है।सरकारी मदद बनी संबलवर्ष 2025-26 में मनरेगा योजना के तहत लगभग 1.50 लाख रुपए की स्वीकृति मिली, जिसमें से करीब 1.10 लाख रुपए खर्च कर तालाब का निर्माण कराया गया। शासन की इस आर्थिक सहायता ने अशोक के लिए खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया।सीईओ का कहना: योजना से मिल रहे बहुआयामी लाभजिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के अनुसार, मनरेगा के तहत बनाए जा रहे खेत तालाब किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रहे हैं।उन्होंने बताया कि इससे—सिंचाई के लिए स्थायी जल स्रोत मिलता हैभूजल स्तर में सुधार होता हैफसल उत्पादन बढ़ता हैमछली पालन से अतिरिक्त आय मिलती हैस्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होते हैंसाथ ही यह योजना जल गंगा संवर्धन अभियान को भी मजबूती प्रदान कर रही है।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूतीखेत तालाब जैसी योजनाएं छोटे और सीमांत किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। ये न केवल खेती को सुरक्षित बनाती हैं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करती हैं।निष्कर्ष:लखनवारा के किसान अशोक जायसवाल की सफलता कहानी यह साबित करती है कि यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो, तो गांव-गांव में समृद्धि के नए अध्याय लिखे जा सकते हैं। खेत तालाब ने उनके जीवन में जो बदलाव लाया है, वह अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट