शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ डिंडोरी। मध्य प्रदेश के करंजिया जनपद अंतर्गत प्राथमिक शाला सड़वा छापर में सरकारी धन की बंदरबांट और निर्माण कार्य में घोर लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। यहां बच्चों के लिए बनाए जा रहे शौचालय के निर्माण में तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर बिना बीमा के ही सीधे छत की ढलाई कर दी गई। लाखों की लागत से बन रहे इस ढांचे की मजबूती पर अब सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
तकनीकी चूक या जानबूझकर की गई धांधली?
इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार, कंक्रीट की भारी छत (स्लैब) का भार संभालने के लिए बीम का होना अनिवार्य है। लेकिन यहां दीवारों पर सीधे छत डाल दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह असुरक्षित ढांचा कभी भी ढह सकता है, जिससे स्कूल के बच्चों की जान को बड़ा खतरा है। यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और विभागीय अनदेखी का प्रमाण है।

शिक्षक को नोटिस
मामला गरमाते ही एसडीएम रामबाबू देवांगन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) द्वारा प्राथमिक शिक्षक गीता धुर्वे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, संबंधित उपयंत्री की कार्यप्रणाली की भी जांच हो रही है कि उनकी अनुपस्थिति में यह दोषपूर्ण ढलाई कैसे हुई।
निर्माण पर रोक और आगामी कार्रवाई
फिलहाल, सुरक्षा कारणों से निर्माण कार्य रोक दिया गया है। प्रशासन इस मंथन में है कि क्या इस असुरक्षित ढांचे को सुधारा जा सकता है या इसे ध्वस्त कर नए सिरे से बनाया जाए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर एकपक्षीय कार्रवाई की तैयारी है।


