Water Supply : मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच कई इलाकों में पेयजल संकट गहराने लगा है. लोगों को पानी की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने साफ कहा है कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए और हर दिन हालात की समीक्षा की जाए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई, जल निगम और अन्य विभागों के उन कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं जो पेयजल व्यवस्था से जुड़े हुए हैं. अगले एक महीने तक इन विभागों में अवकाश पर रोक रहेगी. केवल बेहद जरूरी और विशेष परिस्थितियों में ही छुट्टी मंजूर की जाएगी.
यहां की छुट्टियां हुई कैंसिल
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी कलेक्टर्स और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में पेयजल व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए. मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टर्स से कहा कि वे तत्काल सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाएं और पेयजल आपूर्ति की निगरानी के लिए अधिकारियों की विशेष समिति तैयार करें. यह समिति हर दिन पानी की उपलब्धता की समीक्षा करेगी और जहां जरूरत होगी वहां टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा. साथ ही टैंकरों के गलत इस्तेमाल और अनियमितताओं पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं.
पानी की कमी सुचारु करने की व्यवस्था
बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा गया कि जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें ताकि जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां समय पर व्यवस्था की जा सके. मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जाए और शहरी क्षेत्रों में पानी की टंकियों को समान रूप से भरने की व्यवस्था बनाई जाए. ऊर्जा विभाग को भी इस पूरी योजना में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी नलजल योजना का बिजली कनेक्शन न कटे. सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल और अन्य जल स्रोतों के निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपए जारी किए हैं. इसके अलावा पंचायतों को रखरखाव और मरम्मत कार्यों के लिए 55 करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए गए हैं.
मुख्य सचिव कंट्रोल रूम की निगरानी करें
मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि वे खुद कंट्रोल रूम की निगरानी करें और सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी तथा जनप्रतिनिधियों से मिलने वाली शिकायतों का जल्द से जल्द निराकरण सुनिश्चित करें. साथ ही लोगों के बीच पानी की उपलब्धता और शिकायतों के समाधान की जानकारी भी लगातार साझा करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने अगले एक महीने तक हर दिन सख्त मॉनिटरिंग करने के लिए कहा है ताकि प्रदेश में पेयजल संकट को नियंत्रित रखा जा सके.
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