भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश सरकार ने आगामी वक्त में सरकारी बस सेवा के संचालन का निर्णय लिया है, जिसके चलते निजी बस ऑपरेटरों में नाराजगी दिखाई दे रही है, क्योंकि सालों से सरकारी बसों का संचालन बंद होने के बाद से निजी बसों पर यात्रियों को निर्भर रहना पड़ता है,कई बार कहा जाता है कि त्योहारी सीजन में मनमाना शुल्क वसूला जाता है, कई बार तो अपने फायदे के लिए रुट बदलने जैसी बातें भी निकलकर सामने आई है, जिसमें सुधार के लिए मोहन सरकार ने शासकीय बस सेवा की शुरुआत करने का निर्णय लिया है।
पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का हवाला
जानकारी के मुताबिक सरकारी बसों के संचालन में तय किराया संरचना का निर्माण किया जाएगा, ताकि आम जनता को तय राशि के रुप में ही किराया चुकाना पड़े। किराये में मनमानी से व्यवस्था को दूर रखने की कवायद चल रही है। इससे आम लोगों, विशेषकर दैनिक यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सुरक्षा और गुणवत्ता का रखेंगे ध्यान
सरकार की नई पहल के तहत अत्याधुनिक और सुरक्षित बसों को चलाने पर काम किया जा रहा है। जिसमें फिटनेस नियमों का सख्ती पालन कराया जाएगा, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी ना हो। इसमें नियमित निरीक्षण का तंत्र भी खड़ा किया जाएगा, ताकि लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं से मुक्ति मिल सके। कहा जा रहा है कि बसों में साफ-सफाई, जीपीएस ट्रैकिंग, निर्धारित समय-सारणी और व्यवस्थित टिकटिंग प्रणाली पर काम करके यात्रियों के लिए एक भरोसेमंद सेवा की शुरुआत की जाएगी।
जनता के हित के बीच निजी हित की बात
सरकारी बसों के संचालन में ऑनलाइन टिकटिंग, तय समय पर संचालन, शिकायतों के निवारण के लिए भी पूरा तंत्र तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र की मनमानी में कमी होने से एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर काम किया जाएगा। हालांकि इसमें निजी बस संचालकों और सरकार के फैसले के बीच टकराव की स्थिति निर्मित होने की पूरी संभावना है, क्योंकि कई सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं की बसें में सड़कों को पर दौड़ रही है, जिसके चलते व्यवस्था को लागू करने में कई हद तक समस्या आएगी, जिससे कैसे निपटा जाएगा, ये देखने वाली बात होगी।


