उज्जैन/कमलेश जाटवा/खबर डिजिटल/ श्री महाकालेश्वर मंदिर के 22 पुरोहितों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगें अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं, जिसके चलते पुरोहितों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। पुरोहितों ने पहले भी मंदिर प्रबंध समिति और मंदिर प्रशासक से कई मुद्दों पर लिखित रूप से आग्रह किया था, लेकिन आज तक किसी मुद्दे पर ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
अभिषेक-पूजन के कट्टे रखने की मांग
महाकाल मंदिर के पुरोहितों की प्रमुख मांगों में मंदिर के काउंटर पर अभिषेक-पूजन के कट्टे रखने की मांग की गई थी ताकि दर्शनार्थी को परेशानी का सामना न करते हुए, सीधे भगवान के अभिषेक पूजन करने का लाभ प्राप्त हो, लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नही दिया गया। दूसरी और नवीन सभा मंडप तैयार होने के बाद उनके लिए तख़त लगाने का आश्वासन शामिल है लेकिन अब तक कोई मामले में सुनवाई नही हुई।
पदनाम की भी उठाई गई मांग
पुरोहितों द्वारा यह भी मांग की गई थी कि मंदिर एक्ट के तहत उन्हें पदनाम मिले लेकिन अब तक उन्हें उनके पद के अनुरूप नाम नहीं दिया है। आपको बता दे कि मंदिर एक्ट के तहत श्री महाकालेश्वर मंदिर में 16 पुजारी और 22 पुरोहित नियुक्त हैं। हाल ही में हुई बैठक में पुजारियों के लिए 2 से 4 भेट पेटी का अनुमोदन हुआ है, जिससे पुजारी, पुरोहित संतुष्ट हैं। लेकिन पुरोहितों का कहना है कि उनकी कई मांगों पर किसी तरह का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुरोहितों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें सीधे उनके समक्ष रखेंगे।


