कांग्रेस संगठन ने अपने वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए मध्य प्रदेश से राज्यसभा की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को अहम भूमिका दी है. पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पंजाब में राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक स्थिति का आकलन करने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. इस फैसले को कांग्रेस के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
पंजाब के लिए बनाई गई विशेष समिति
पंजाब में पार्टी की मौजूदा स्थिति और राजनीतिक हालात का विस्तृत अध्ययन करने के उद्देश्य से कांग्रेस ने एक विशेष समिति का गठन किया है. इस समिति को राज्य में संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और राजनीतिक परिस्थितियों का मूल्यांकन कर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपनी है. मीनाक्षी नटराजन के अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन और भजन लाल जाटव को भी इस समिति में शामिल किया गया है. पार्टी सूत्रों के अनुसार यह समिति पंजाब में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत बनाने और भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए आवश्यक सुझाव भी देगी. समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की राजनीतिक दिशा तय की जा सकती है.
खड़गे ने की नियुक्तियों की घोषणा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी दी है. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी नेताओं की निगरानी और सुझावों से संगठन को मजबूती मिलेगी. मीनाक्षी नटराजन लंबे समय से कांग्रेस की सक्रिय नेता रही हैं और संगठनात्मक कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है. दूसरी ओर मीनाक्षी नटराजन का नाम हाल ही में राज्यसभा चुनाव से जुड़े विवाद को लेकर भी चर्चा में है. उनके नामांकन पत्र को निरस्त किए जाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. पार्टी ने इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है.
रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि नामांकन खारिज करने का निर्णय निष्पक्ष नहीं था और इसमें पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया. पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में जल्द सुनवाई की मांग की है. उनका तर्क है कि नामांकन वापसी की अंतिम समय सीमा दोपहर 3 बजे तक निर्धारित है, इसलिए मामले पर तत्काल सुनवाई आवश्यक है. कांग्रेस ने बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि के दौरान डिजिटल माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. अब सभी की नजरें अदालत की सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हुई हैं, जो इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकता है.
