Mohan Cabinet Expansion: मध्यप्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर BJP के उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत के बाद, अब मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी कैबिनेट के पहले बड़े विस्तार की तैयारियों में जुट गए हैं। दिल्ली आलाकमान से हरी झंडी मिलने और फीडबैक के बाद मंत्रालयों में मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा पूरी हो चुकी है। सूत्रों से से मिली जानकारी के अनुसार इसी महीने जून के अंत तक मोहन सरकार की कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल किया जा सकता है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री आवास में एक गोपनीय बैठक भी हो चुकी है, जिसमें संघ और संगठन के बड़े पदाधिकारियों की मौजूदगी में नए समीकरणों पर अंतिम मुहर लगाई गई है।
4 मंत्रियों का कटेगा पत्ता!
सूत्रों का दावा है कि इस बार भाजपा मध्य प्रदेश में गुजरात फॉर्मूला लागू करने जा रही है। मंत्रियों के पिछले ढाई साल के कामकाज और जनता के बीच उनकी छवि के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट में 4 मौजूदा मंत्रियों की विदाई तय मानी जा रही है। इन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर कर संगठन में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। ड्रॉप होने वाले इन चार चेहरों की जगह 4 नए और कद्दावर विधायकों को कैबिनेट में जगह दी जाएगी।
ये बड़े नाम रेस में सबसे आगे
बुंदेलखंड के सबसे कद्दावर और रिकॉर्ड मतों से जीतने वाले वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव की कैबिनेट में वापसी की पूरी संभावना है। उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ सरकार के बचे हुए कार्यकाल में लिया जाएगा। वही भोपाल की हुजूर सीट से फायरब्रांड नेता रामेश्वर शर्मा को उनके राजनैतिक स्टैंड और हिंदुत्व के चेहरे के तौर पर कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलना लगभग तय हो चुका है। इसके अलावा वर्तमान में राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहीं भोपाल की ही महिला नेत्री कृष्णा गौर को उनके अच्छे परफॉर्मेंस का बड़ा इनाम मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो उन्हें प्रमोट कर राज्य मंत्री से सीधे कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। तो वही एक अन्य महिला विधायक को भी मंत्रिमंडल में शामिल कर महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत किया जा सकता हैं।
तबादले रुकते होगा मंत्रिमंडल विस्तार!
वर्तमान में मध्य प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों की प्रक्रिया चल रही है, जिसकी अंतिम तारीख 15 जून तय की गई है। जैसे ही सूबे में प्रशासनिक फेरबदल और ट्रांसफर का दौर थमेगा, उसके ठीक बाद मुख्यमंत्री कार्यालय सीधे तौर पर कैबिनेट विस्तार की तारीख तय करने के लिए राजभवन को पत्र भेजेगा। 25 से 30 जून के बीच किसी भी दिन नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के मुख्य लॉन में आयोजित किया जा सकता है।
