मुरैना/शुभम कुलश्रेष्ठ/खबर डिजिटल/ मुरैना विकासखंड के पिपरसेवा गांव में स्थित एक आइसक्रीम फैक्ट्री से निकलने वाला दूषित पानी ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाला रसायनयुक्त अपशिष्ट पानी गांव के नरुआ यानि (नाले) में बहाया जा रहा है, जिससे सैकड़ों मछलियों की मौत हो चुकी है। वहीं नाले का पानी पीने से मवेशी गंभीर रूप से लगातार बीमार हो रहे हैं, कई की मौत हो चुकी है। दूषित पानी से ग्रामीणों के जीवन पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने दी जानकारी
ग्रामीणों के अनुसार, ऑइस्क्रीम फैक्ट्री से निकलने वाला कैमिकल युक्त दूषित पानी नाले में जाकर मिल रहा है। जिससे नाले का पानी प्रदूषित हो रहा है और यहां का पानी पीने से मछलियों की मौत हो रही है। जो नाले के पानी में ऊपर तैर रही हैं। इसके अलावा यही पानी पीने से कई मवेशियों की भी मौत हो चुकी है और कई गंभीर रुप से बीमार हैं। लगातार हो रही घटनाओं से गांव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर फैक्ट्री संचालक को कई बार बताया कराया गया है, लेकिन प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
दूषित पानी की जांच कराने की मांग
फैक्ट्री प्रबंधन की अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने अब मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार रामचंद्र जांगिड़ से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दूषित पानी की जांच कराने, दोषी फैक्ट्री पर सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो पर्यावरण के साथ-साथ गांव के लोगों और पशुधन की जान को भी गंभीर खतरा बना रहेगा।


