मुरैना/शुभम कुलश्रेष्ठ/खबर डिजिटल/ मुरैना जिले के सबलगढ़ नगर पालिका कार्यालय में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ग्वालियर की पांच सदस्यीय टीम अचानक जांच के लिए पहुंची। टीम वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने आई थी, लेकिन आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण करीब चार घंटे इंतजार के बाद उसे खाली हाथ लौटना पड़ा।
वार्ड पार्षद की शिकायत के बाद कार्रवाई
यह कार्रवाई वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद मोहन पचौरी की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में नगर पालिका में बड़े स्तर पर आर्थिक धांधली और पैसों की हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए EOW ने मामले को जांच में लेकर रिकॉर्ड खंगालने के लिए अपनी टीम सबलगढ़ भेजी।
CMO और अकाउंटेंट नहीं थे मौजूद
जानकारी के अनुसार, टीम के सदस्य मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के कक्ष में बैठकर संबंधित फाइलों और दस्तावेजों का इंतजार करते रहे। हालांकि उस समय CMO और अकाउंटेंट दोनों ही कार्यालय में मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वे किसी अदालती कार्य से बाहर गए हुए थे। जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण टीम को जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
मीडिया से नहीं की कोई टिप्पणी
कार्यालय में घंटों चली गहमागहमी और पार्षदों की मौजूदगी के बीच आखिरकार टीम को बिना दस्तावेज लिए ही ग्वालियर लौटना पड़ा। इस दौरान EOW अधिकारियों ने मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं की। नगर पालिका में हुई इस अचानक जांच कार्रवाई और अधिकारियों की गैरमौजूदगी शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि EOW दोबारा कब कार्रवाई करती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।


