भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ आगामी नगरीय निकाय और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करना का नया फॉर्मूला तैयार किया था। जिसका अब जमीन पर उतारा जा रहा है, नगरीय टीम को मजबूत करने से पहले ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूती देने का काम किया जा रहा है। जिसकी शुरुआत पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने अपने गृहक्षेत्र इंदौर से की है, जिसको मूर्तरुप देने का काम जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कर दिखाया। ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस पार्टी माइक्रो लेवल पर पार्टी को मजबूती देने का काम कर रही है।
संगठन सृजन अभियान का दिखा असर
संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश कांग्रेस के द्वारा ये तय किया गया था कि संगठन का गठन ग्राम पंचायत स्तर तक किया जाएगा। यह फॉर्मूला प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सबसे पहले अपने गृह जिले इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करवाया है। इस काम को ग्रामीण स्तर पर पूरी तरह से लागू कर दिया गया है, कार्यकर्ताओं की एक टीम बनाकर आगामी टास्क के लिए काम किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की फौज कांग्रेस के लिए काम करती नजर आए, और बीजेपी की प्रत्येक चुनौती का सामना आसानी से किए जा सके।
कांग्रेस ने वार्ड स्तर तक बनाई कार्यकारिणी
इंदौर कांग्रेस जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने बताया कि पूरे प्रदेश में सबसे पहले सभी ग्राम पंचायत समितियों एवं वार्ड पंचायत समितियों का गठन इंदौर जिले में पूर्ण कर लिया गया है। जिसमें 335 ग्राम पंचायतें एवं 128 वार्ड के अध्यक्ष सहित 25-25 लोगों की कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया है। 25 व्यक्तियों की कार्यकारिणी में युवा कांग्रेस का प्रतिनिधि, एनएसयूआई का प्रतिनिधि, महिला कांग्रेस की प्रतिनिधि, एससी/एसटी प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि सहित सभी संगठनों का 1-1 प्रतिनिधि एवं सदस्यों की नियुक्ति की गई है। यह सभी नियुक्तियां ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर जाकर कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय नेताओं के साथ बैठकर समन्वय के साथ चर्चा कर के की गई है।
कांग्रेस की मजबूती का किया दावा
कांग्रेस जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने यह भी दावा किया है कि ये नियुक्तियां जिनकी संख्या 10 हजार से ऊपर है, इसमें पार्टी के लगभग 50 हजार कार्यकर्ताओं से पंचायत एवं वार्ड स्तर चर्चा करके और समन्वय स्थापित करके यह समितियों का गठन किया गया है। कांग्रेस में यह फॉर्मूला जो कि सबसे पहले इंदौर में लागू हुआ है। अगर सफल हुआ तो यह कांग्रेस के लिए निर्णयात्मक कदम होगा जो कि 28 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ी सफलता देने में उपयोगी हो सकता है। जिसे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की बड़ी सफलता के रुप में देखा जा रहा है।


