निवाड़ी/कपिल सिरवैया/ खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश शासन द्वारा घोषित ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026-27’ के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में डिजिटल सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिले में उर्वरक वितरण की नई ‘ई-विकास प्रणाली’ को सुचारू रूप से लागू करने के लिए कलेक्टर जमुना भिड़े के निर्देशन में जनपद पंचायत सभागार में जिला स्तरीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विष्णु पाटीदार ने स्पष्ट किया कि, 1 अप्रैल 2026 से उर्वरक वितरण की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। अब संपूर्ण वितरण प्रक्रिया ‘ई-विकास प्रणाली’ के माध्यम से ही संचालित होगी।
सभी निजी और सहकारी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि, उक्त प्रणाली को अपनाएं ताकि किसानों को खाद के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। उर्वरक विक्रेताओं और उपस्थित किसानों को सिस्टम पर ई-टोकन जनरेट करने की विधि सिखाई गई।
प्रेजेंटेशन के माध्यम से तकनीकी पहलुओं को समझाया गया एवं विक्रेताओं द्वारा उठाए गए सवालों व समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया।
पारदर्शिता के साथ नई प्रणाली का उद्देश्य खाद की कालाबाजारी रोकना और वास्तविक किसानों तक पारदर्शी तरीके से उर्वरक पहुँचाना है।
”ई-विकास प्रणाली न केवल वितरण प्रक्रिया को सरल बनाएगी, बल्कि यह डेटा की सटीकता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगी। किसानों को अब अपनी बारी के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में परियोजना संचालक (आत्मा) भरत राजवंशी, समस्त कृषि विस्तार अधिकारी, प्राथमिक सहकारी समितियों के प्रबंधक, निजी उर्वरक विक्रेता और बड़ी संख्या में जागरूक किसान मौजूद रहे।


