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Friday, April 17, 2026
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MP Nigam Mandal List: निगम मंडल सूची का अंत, हेमंत खंडेलवाल का बयान, इंतजार खत्म!

MP Nigam Mandal List: मध्य प्रदेश में बीते लंबे समय से राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के दिल्ली दौरे ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। आलाकमान और केंद्रीय नेतृत्व के साथ मैराथन बैठकों के बाद माना जा रहा है कि निगम, मंडल और प्राधिकरणों में अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के नामों पर अंतिम मुहर लग चुकी है।

दावेदारों की बढ़ी धड़कनें

बीते बुधवार और गुरुवार को दिल्ली में हुई बैठकों के बाद भोपाल लौटते ही नियुक्तियों को लेकर सुगबुगाहट तेज है। सूत्रों की मानें तो सूची लगभग तैयार है और किसी भी समय इसका ऐलान हो सकता है। सत्ता और संगठन के बीच हुए इस मंथन के बाद उन दिग्गज नेताओं की सांसें अटकी हुई हैं, जो पिछले कई महीनों से लाल बत्ती की आस में लॉबिंग कर रहे थे।

संगठन में नियुक्तियों का दौर शुरू

दिल्ली से हरी झंडी मिलने के संकेत मिलते ही प्रदेश भाजपा ने संगठन स्तर पर नियुक्तियों की झड़ी लगा दी है। गुरुवार देर रात भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों की सूची जारी की गई। इसके साथ ही प्रदेश प्रवक्ताओं, मीडिया पैनलिस्टों और सह-मीडिया प्रभारियों की नई टीम का भी ऐलान कर दिया गया है। अब ​निगम मंडलों की सूची का इंतजार है।

खत्म होने वाला है इंतजार : हेमंत खंडेलवाल

निगम मंडल नियुक्तियों में देरी होने पर विपक्ष लगातार हमला वार है। विपक्ष का जवाब देते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने निगम मंडलों की सूची की स्थिति को स्पष्ट करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। हेमंत खंडेलवाल ने कहा है कि पार्टी में नियुक्तियों की प्रक्रिया एक निश्चित समय सीमा में पूरी की जा रही है। हमारे लिए निगम-मंडल के साथ-साथ मोर्चे, प्रकोष्ठ, एल्डरमैन और जनभागीदारी समितियां भी महत्वपूर्ण हैं। भाजपा एक संगठन है जहां हर कार्यकर्ता को योग्यतानुसार जिम्मेदारी दी जाती है। सरकार और संगठन के बीच समन्वय है और बहुत जल्द सभी नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी।

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार

कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि भाजपा के अंदर अंतर्कलह के चलते नियुक्तियां अटकी हुई हैं। खंडेलवाल के बयान ने साफ कर दिया है कि भाजपा की प्राथमिकता केवल सत्ता के पद भरना नहीं, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं को संगठन के कई मोर्चों में एडजस्ट करना है। अब सबकी नजरें उस अंतिम सूची पर टिकी हैं जो प्रदेश की राजनीति की नई दिशा तय करेगी।

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