New Currency Notes: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भले ही दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को चिंता में डाल दिया हो, लेकिन भारत ने अपनी नकद अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए कमर कस ली है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम स्थित कागज कारखाना ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कारखाने ने निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक करंसी पेपर का उत्पादन कर देश को आत्मनिर्भरता का नया भरोसा दिलाया है।
7 मीट्रिक टन कागज तैयार
SPM प्रबंधन और कर्मचारियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कारखाने ने शानदार प्रदर्शन किया है। जहां एक साल के लिए 6 मीट्रिक टन करंसी पेपर का लक्ष्य रखा गया था, वहीं कारखाने ने 7 मीट्रिक टन कागज तैयार कर दिखाया है।
बाजार में आएंगे नए नोट
अब इस विशेष कागज़ का उपयोग मुख्य रूप से 100, 200 और 500 रुपये के नए नोटों को छापने के लिए किया जाएगा। जल्द ही ये नोट बाजार में उपलब्ध होंगे, जिससे आम जनता और व्यापारियों को नकद लेनदेन में सुविधा मिलेगी।
‘कैश’ बनेगा सहारा
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते भविष्य में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने या साइबर हमलों की आशंका बनी रहती है। ऐसी स्थिति में नकद लेनदेन ही सबसे सुरक्षित माध्यम साबित होता है। 100 और 500 रुपये के नोटों की सबसे अधिक खपत को देखते हुए SPM ने अपनी मशीनों की रफ्तार बढ़ा दी है ताकि बाजार में करंसी की कोई किल्लत न हो।
आपको बता दें कि नर्मदापुरम की यह इकाई केवल नोटों का कागज़ ही नहीं, बल्कि पासपोर्ट पेपर और स्टाम्प पेपर भी तैयार करती है। पूर्व में भी 10 और 20 रुपये के नोटों की कमी के समय इसी कारखाने ने स्थिति को संभाला था। यह भी बता दें कि
बैंक ATM में सबसे अधिक मांग 500 और 100 रुपये के नोटों की रहती है। SPM द्वारा तैयार किए गए इस नए स्टॉक से रिजर्व बैंक के लिए नोटों की छपाई आसान हो जाएगी।


