खबर डिजिटल. अंकित झारिया.उमरियापान:- वन्य प्राणी पेंगोलिन के शिकार और तस्करी के मामले में ढीमरखेड़ा न्यायालय ने फैसला सुनाया है। मामले में शामिल चार आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा दो लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। मामला साल 2024 का है।
एडीपीओ विनोद सिंह लोधी ने बताया कि कुंडम परियोजना मंडल के परियोजना परिक्षेत्र रामपुर अंतर्गत अमराडांड बीट के कक्ष क्रमांक 463 (वृत्त खमतरा) में 21 अगस्त 2024 को दोपहर करीब ढाई बजे कंछेदी पिता प्रेमचंद बैगा (28 वर्ष) और प्रेमचंद पिता विश्राम बैगा (62 वर्ष) निवासी अमराडांड थाना बड़वारा, सूरज पिता चंद्रभान गौंड (44 वर्ष) निवासी रोझन थाना ढीमरखेड़ा तथा जगन पिता जुगराज गौंड (45 वर्ष) निवासी टिकरिया थाना स्लीमनाबाद ने मिलकर पेंगोलिन का शिकार किया था। आरोपी वन्यप्राणी को धातु की हांडी में रखकर जंगल के रास्ते ले जा रहे थे, तभी सूचना मिलने पर वन विकास निगम की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई ढीमरखेड़ा स्थित प्रथम श्रेणी न्यायालय में हुई। विशेष लोक अभियोजक मंजुला श्रीवास्तव एवं एडीपीओ विनोद सिंह लोधी ने पैरवी की। न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने सभी चार आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और कुल दो लाख रुपये का जुर्माना सुनाया।
पेंगोलिन तस्करी मामले में चार आरोपियों को तीन साल की सजा, दो लाख रुपये जुर्माना,ढीमरखेड़ा न्यायालय ने सुनाया फैसला
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