रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश पर तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संगठन रीवा द्वारा एक सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यह कार्रवाई दिनांक 17 दिसंबर 2025 को की गई।
ये है पूरा मामला
आवेदक इन्द्रमणि प्रसाद शुक्ला, निवासी ग्राम बीड़ा (पडरिया टोला), पोस्ट बीड़ा, थाना/तहसील सेमरिया, जिला रीवा (मध्य प्रदेश) ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। कि भूमि उसने सीमांकन कार्य के लिए तहसील सेमरिया में आवेदन किया था। इस दौरान सर्किल शाहपुर के आर.आई. रामविश्वास कोल ने सीमांकन कार्य करने के बदले रिश्वत की मांग की।सीमांकन निरस्त होने के भय से शिकायतकर्ता ने 4 दिन पूर्व 2 हजार रुपये आरोपी को दे दिए थे, इसके बावजूद कार्य नहीं किया गया और 3 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही थी।
लोकायुक्त पुलिस ने की कार्रवाई
शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार द्वारा मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग प्रमाणित पाई गई। इसके बाद 17 दिसंबर 2025 को गठित टीम ने आरोपी को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप कर लिया।
कानूनी कार्रवाई
आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन अधिनियम 2018) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई में ये रहे शामिल
कार्रवाई के दौरान एस. राम. मरावी, निरीक्षक, लोकायुक्त कार्यालय रीवा, प्रवीण सिंह परिहार, उप पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे, जिन्होंने स्वतंत्र शासकीय गवाहों की उपस्थिति में कार्रवाई संपन्न कराई। लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, और आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।


