रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यूजीसी एक्ट पर रोक लगाये जाने के बाद रीवा में ओबीसी एससी एसटी संयुक्त मोर्चे ने घंटों शहर को बंधक बनाये रखा, इस दौरान संविधान की दुहाई देने वाले संयुक्त मोर्चे के सदस्यों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया।
एंबुलेंस के पहिए तक थमे
प्रदर्शन के कारण शव वाहन से लेकर एंबुलेंस तक के पहिए थम गए, एंबुलेंस से अस्पताल जा रहे मरीज जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते रहे लेकिन शोषित वंचित होने की दुहाई देने वाले लोगों ने पीड़ित मानवता की एक न सुनी। संयुक्त मोर्चा द्वारा इस तरह की अराजकता लगभग 3 घंटे से भी अधिक समय तक फैलाई गई।
प्रशासन भी दिखाई दिया लाचार
हैरानी तो इस बात की है कि इस दौरान वहां मौजूद पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने अवरुद्ध किए गए, आवागमन को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की बताया जा रहा है कि ओबीसी एससी एसटी संयुक्त मोर्चे ने प्रशासनिक अधिकारियों से सिर्फ कॉलेज चौराहे से लेकर शिल्पी प्लाजा होते हुए कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने की अनुमति ली थी, लेकिन बड़ी संख्या में तख्तियां लेकर जिसकी जितनी भागीदारी उसकी उतनी हिस्सेदारी के नारे लगाते हुए पहले तो कलेक्ट्रेट आकर खुद ज्ञापन ले इस मांग पर पड़े रहे।


