बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला बैतूल द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जिला शालेय विद्यार्थी पथ संचलन का आयोजन पुलिस ग्राउंड बैतूल से किया गया। इस अवसर पर लगभग 500 स्वयंसेवकों ने अनुशासन, एकता और राष्ट्रप्रेम का परिचय देते हुए पथ संचलन में भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत बौद्धिक प्रमुख पंकज शर्मा तथा सह जिला कार्यवाह आकाश गुप्ता उपस्थित रहे।
प्रांत बौद्धिक प्रमुख ने किया संबोधित
अपने उद्बोधन में पंकज शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीराम ने बाल्यकाल से ही शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से अपने राज्य और प्रजा की रक्षा की, वहीं भगवान श्रीकृष्ण ने भी बाल्यकाल में संगठन की शक्ति का परिचय देते हुए कंस रूपी अत्याचार का अंत किया। इसी तरह 1925 में डॉ. हेडगेवार ने भी नागपुर में छोटे-छोटे बालकों को संगठित कर संघ की शाखा का शुभारंभ किया था। उन्होंने कहा कि शाखा ही वह स्थान है जहां से जीवनभर के लिए संस्कार प्राप्त होते हैं, और वही बालक आगे चलकर देश के प्रति समर्पित नागरिक बनता है। जब-जब भारत की संस्कृति पर संकट आया, तब-तब महापुरुषों ने संगठन और बलिदान के माध्यम से देश की रक्षा की है।
स्वयंसेवकों को दिलाए 5 वचन
अंत में पंकज शर्मा ने उपस्थित बाल स्वयंसेवकों को 5 वचन दिलाए, प्रतिदिन सुबह घर के बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श करने, पढ़ाई में अच्छे अंक लाने, प्रतिदिन संघ की शाखा में जाने, संघ के आह्वान पर सदैव तत्पर रहने और मातृभूमि की रक्षा व सेवा के लिए सदैव समर्पित रहें। पथ संचलन के दौरान पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, वेशभूषा और सामंजस्य का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया, जिससे नगरवासी प्रभावित हुए।


