सीधी/बृजेश पाण्डेय/खबर डिजिटल/ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक और सख्त कार्रवाई करते हुए चुरहट एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो/रीडर रामहित तिवारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रीवा लोकायुक्त की 12 सदस्यीय टीम द्वारा शुक्रवार 26 दिसंबर को चुरहट के बीछी रोड स्थित सरयू प्रसाद प्रजापति की किराना दुकान में की गई, जहां आरोपी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली।
लोकायुक्त पुलिस से की शिकायत
लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता गजेन्द्र सिंह पिता स्व. श्यामलाल पटेल, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम पडख़री ने 23 दिसंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम पडख़ुरी स्थित उसकी पुस्तैनी भूमि को उसके भाई सुरेन्द्र कुमार पटेल के निधन के बाद उसकी भाभी ललिता पटेल द्वारा अपने नाम दर्ज करा लिया गया था। जबकि उक्त भूमि को लेकर मृतक भाई द्वारा गजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र पटेल एवं भतीजे विवेक सिंह के पक्ष में वसीयतनामा किया जा चुका था।
स्टेनो रामहित तिवारी ने मांगी थी रिश्वत
इस संबंध में गजेन्द्र सिंह ने वारिसाना अधिकार दर्ज कराने के लिए एसडीएम चुरहट के यहां अपील की थी, जिस पर एसडीएम द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया था। आरोप है कि इस आदेश को शिकायतकर्ता के पक्ष में कराने के एवज में एसडीएम कार्यालय के स्टेनो रामहित तिवारी ने 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत के सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पहले ही 25 हजार रुपये ले चुका था।
ट्रैप कार्रवाई की बनाई योजना
शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के निर्देशन में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। शुक्रवार को शिकायतकर्ता को शेष 10 हजार रुपये के साथ भेजा गया, जहां आरोपी को रिश्वत लेते ही रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
सर्किट हाउस ले जाकर की पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी को चुरहट स्थित सर्किट हाउस ले जाकर देर रात तक पूछताछ की गई।
12 सदस्यीय लोकायुक्त टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक लोकायुक्त रीवा एस.आर. मरावी, उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, स्वतंत्र शासकीय गवाह सहित 12 सदस्यीय टीम शामिल रही। कार्रवाई की खबर फैलते ही चुरहट एसडीएम कार्यालय सहित जिले के अन्य शासकीय कार्यालयों में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।


