सीधी/बृजेश पाण्डेय/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के इंदौर में सामने आई जल प्रदूषण की घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में जिलेभर में पेयजल की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी गई है। नगर पालिका सीधी में मंगलवार को पहली बार जल सुनवाई आयोजित की गई, लेकिन निर्धारित समय दोपहर 1 बजे तक शहर के किसी भी वार्ड से प्रदूषित पानी की शिकायत लेकर कोई भी नागरिक नहीं पहुंचा।
नपा सीएमओ मिनी अग्रवाल ने दिए निर्देश
नगर पालिका सीएमओ मिनी अग्रवाल के निर्देश पर शहर में पेयजल आपूर्ति करने वाले सभी प्रमुख जल स्रोतों से पानी के सैंपल लेकर जांच की गई। यह सैंपल उन स्थानों से लिए गए हैं, जहां से आम नागरिकों को प्रतिदिन पीने का पानी उपलब्ध कराया जाता है।
इंटेकवेल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति
नगर पालिका क्षेत्र में कुल 18 ट्यूबवेल और एक इंटेकवेल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है। इनमें वार्ड क्रमांक 11 दीनदयाल कॉलोनी, शास्त्री नगर, वार्ड क्रमांक 10 संजय गांधी कॉलेज कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 12 शर्मा कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 9 दक्षिण करौंदिया, वार्ड क्रमांक 6 पीएचई कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 14 आजाद नगर, वार्ड क्रमांक 8, वार्ड क्रमांक 5 पीएचई ऑफिस एवं हाउसिंग बोर्ड, वार्ड क्रमांक 4 महेश भारती, वार्ड क्रमांक 3 अस्पताल कैंपस, वार्ड क्रमांक 11 कलेक्ट्रेट के पास, विजय फिलिंग, वार्ड क्रमांक 2 पुलिस लाइन व बनिया कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 3 सम्राट चौक सहित इंटेकवेल शामिल हैं।
नगर पालिका के उपयंत्री ने दी जानकारी
नगर पालिका के उपयंत्री बी.के. तिवारी ने बताया कि पेयजल की पीएच वैल्यू 6.50 से 8.50 के बीच होना आवश्यक है। यदि पीएच मानक से कम या अधिक पाया जाता है, तो ऐसे पानी का उपयोग पीने के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।


