MP Teachers Protest: मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग और शिक्षकों के बीच आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी TET के आदेश के विरोध में आज प्रदेशभर के शिक्षक राजधानी भोपाल में जुट रहे हैं। शाम 4 बजे बड़ी संख्या में शिक्षक DPI दफ्तर का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। शिक्षा विभाग के आदेश से प्रदेश के करीब 1.5 लाख से अधिक शिक्षकों के भविष्य पर तलवार लटक गई है।
क्या है शिक्षकों की मांगें?
शिक्षक संगठनों का संयुक्त मोर्चा आज शक्ति प्रदर्शन के माध्यम से सरकार के सामने अपनी कई मांगें रखेगा। जिनमें विभाग द्वारा जारी उस आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए, जिसमें कार्यरत शिक्षकों के लिए भी TET परीक्षा अनिवार्य की गई है। शिक्षक चाहते हैं कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ तत्काल पुनर्विचार याचिका दायर करे। शिक्षकों का तर्क है कि वे 20-25 वर्षों से सेवा दे रहे हैं, ऐसे में अब परीक्षा लेना उनके अनुभव का अपमान है।
क्यों शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, DPI ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए निर्देश जारी किया है कि जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से अधिक का समय बचा है, उन्हें TET परीक्षा पास करनी होगी। परीक्षा पास करने के लिए 2 साल का समय दिया जाएगा। जो शिक्षक इस परीक्षा को पास नहीं कर पाएंगे, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति या सेवा समाप्ति का सामना करना पड़ सकता है।
शिक्षकों का सवाल
विरोध कर रहे शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्तियां तत्कालीन नियमों के अनुसार हुई थीं। 1995 और उसके बाद नियुक्त हुए हजारों शिक्षक इस नए नियम से डरे हुए हैं। उनका कहना है कि इस उम्र में फिर से परीक्षा की तैयारी करना सही नही रहेगा। दिग्विजय सिंह जैसे कई वरिष्ठ नेताओं ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों की इस मांग का समर्थन किया है।
आज शाम 4 बजे ‘हल्लाबोल’
भोपाल के DPI कार्यालय के बाहर आज शाम भारी सुरक्षा बल तैनात रहने की उम्मीद है। शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आज सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप ले सकता है।


