टीकमगढ़/सुबोध पाठक/ खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में अध्यापक शिक्षक संवर्ग अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर लामबंद हो गया है। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष भरत पटेल के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आज टीकमगढ़ जिले में शिक्षकों ने अपनी एकता और आक्रोश का प्रदर्शन किया। पुरानी पेंशन बहाली और ई-अटेंडेंस जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
नजरबाग से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च
कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय नजरबाग प्रांगण में आयोजित एक विशाल बैठक से हुई। बैठक में जिले भर से आए शिक्षकों ने वर्तमान व्यवस्थाओं और शासन की अनदेखी पर विस्तार से चर्चा की। जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह बुंदेला के नेतृत्व में आयोजित इस सभा में शिक्षकों ने आगामी रणनीति तय करते हुए स्पष्ट किया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन राजधानी भोपाल की सड़कों तक पहुंचेगा।
बैठक के पश्चात, शिक्षकों का हुजूम ‘एकता जिंदाबाद’ और ‘पेंशन हमारा हक है’ के नारों के साथ नजरबाग से कलेक्ट्रेट की ओर पदयात्रा पर निकला। शिक्षकों के इस पैदल मार्च ने शहर का ध्यान अपनी ओर खींचा, जो उनके भीतर पनप रहे असंतोष को दर्शा रहा था।
23 सूत्रीय मांगों का सौंपा पुलिंदा
कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक 23 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने अपनी प्रमुख मांगों को रेखांकित किया, जिनमें शामिल हैं:
पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली: समस्त NPS धारक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।
ई-अटेंडेंस का विरोध: शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की।
वरिष्ठता एवं वेतनमान: गुरुजियों को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दी जाए। साथ ही अध्यापक शिक्षक संवर्ग को क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाए।
आठवां वेतनमान: केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर 01 जनवरी 2026 से आठवें वेतनमान का लाभ दिया जाए।
अवकाश एवं अन्य सुविधाएं: शिक्षकों को भी शनिवार का अवकाश मिले या उसके बदले अर्जित अवकाश (EL) दिया जाए। इसके अलावा, नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन और कैशलेस मेडिकल क्लेम की सुविधा प्रदान की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन लेते समय एडीएम एवं अपर कलेक्टर ने शिक्षकों की बातों को सहानुभूतिपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को यथाशीघ्र शासन तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि, शिक्षकों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि समय रहते 23 सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो पूरा प्रदेश का शिक्षक संवर्ग भोपाल में अनिश्चितकालीन आंदोलन और अनशन करने को मजबूर होगा। इस दौरान भारी संख्या में शिक्षक, संघ के पदाधिकारी और सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।


