भोपाल/ खबर डिजिटल/ विजय पाल/ Jabalpur Bridge Collapse: MP में सड़कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। हर दिन सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है। राजधानी भोपाल से लेकर गांवों तक की सड़कें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही हैं। सोमवार को जबलपुर-भोपाल हाईवे पर शहपुरा के निकट रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा धंस गया। ब्रिज का एक हिस्सा पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त था, लेकिन अब दूसरा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद प्रशासन को तत्काल ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा।
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4 साल पहले ही बना था जबलपुर-भोपाल हाईवे
जबलपुर-भोपाल हाईवे पुल महज चार साल पहले ही बनकर तैयार हुआ था। सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बिलखिरिया के पास एक सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा धंस गया था। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो लगातार वायरल होते रहते हैं। बीते रविवार को उज्जैन के भिड़ावद से रावदिया तक बनी सड़क का एक वीडियो सामने आया था। इसमें एक युवक हाल ही में बनी डामर सड़क को अपने हाथों से उखाड़कर निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार और लापरवाही को दिखाता नजर आ रहा था।
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जांच और कार्रवाई के मिलते हैं निर्देश
गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण के वीडियो अक्सर सामने आते रहते हैं। खबर डिजिटल द्वारा जब मंत्री और जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में बात की जाती है तो कहा जाता है कि मामले की जांच की जा रही है और भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन स्थिति फिर जस की तस बनी रहती है। ऐसे में विपक्ष भी सवाल खड़े करता है, पर सरकार की ओर से ठोस कदम नजर नहीं आते। उज्जैन में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि भिड़ावद से रावदिया तक बनी सड़क को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की है और मामले की जांच की जा रही है।
भोपाल में 100 मीटर सड़क धंसी
4 महीने पहले ही भोपाल के बिलखिरिया के पास भी 100 मीटर सडक धंस गयी थी। यह सड़क वर्ष 2013 में बनी थी। यह सड़क एमपीआरडीसी की है, जो इंदौर, होशंगाबाद, जबलपुर, जयपुर, मंडला और सागर को जोड़ती है। मंडीदीप से ईंटखेड़ी की ओर जाने वाले ब्रिज के पास का हिस्सा करीब 100 मीटर तक धंस गया था। गनीमत रही कि उस दौरान वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। रिटेनिंग वॉल गिरने का वीडियो भी सामने आया था। फिलहाल, सड़क धंसने के कारणों की जांच के साथ मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
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मध्य प्रदेश की सड़कों का हाल बेहाल
मध्यप्रदेश राजधानी भोपाल की कई गली-मोहल्लों की सड़कों की स्थिति भी खराब है। पहले थिंक गैस ने सड़कों को खोदकर खराब किया, फिर दो महीने बाद अमृत योजना के तहत दोबारा खुदाई कर दी गई। जिन सड़कों पर कुछ महीने पहले ही करोड़ों रुपये खर्च कर निर्माण किया गया था, उन्हें फिर से खोद दिया गया। यह स्थिति किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। भोपाल के अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, कोलार, दानिश नगर समेत सैकड़ों कालोनी की सड़कों को खोद दिया गया है। अब सरकार इन सड़कों का निर्माण कब पूरा करेगी, यह स्पष्ट नहीं है। सड़क निर्माण से पहले कोई समुचित रोडमैप तैयार नहीं किया जाता।


