चंदेरी/खबर डिजिटल/ अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब 1 बजे गेहूं से भरा ट्रक क्रमांक UP 94 T 5488 दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया। हादसे में रंजीत यादव (22 वर्ष), निवासी ग्राम बुधेड़ी, जिला ललितपुर (उ.प्र.) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि दुर्घटना से पहले MP04 YH 5181 नंबर का सरकारी वाहन, जिसके पीछे “कार्यपालिक मजिस्ट्रेट” लिखा हुआ था, ट्रक के पीछे चल रहा था।जिसके ड्राइवर द्वारा लगातार पीछा करने के कारण ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा। गुस्साए ग्रामीणों ने तहसीलदार की गाड़ी की हवा निकाल दी जिस कारण गाड़ी घटना स्थल पर ही खड़ी रही और वाहन चालक मौके से फरार हो गया,
तहसीलदार चंदेरी दिलीप दरोगा का मिला पहचान पत्र और डायरी
घटनास्थल पर खड़ी सरकारी गाड़ी में तलाशी के दौरान एक पहचान-पत्र और डायरी भी मिली, जिन्हें स्थानीय लोग तहसीलदार दिलीप दरोगा से संबंधित बता रहे हैं। इन वस्तुओं के मिलने से पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के समय सरकारी वाहन में कौन-कौन मौजूद था और इन वस्तुओं के वाहन में होने की परिस्थितियां क्या थीं। इन तथ्यों की आधिकारिक जांच होना बाकी है।
एसडीएम मनीष धनगर ने बताया कि संबंधित सरकारी वाहन का चालक बार-बार बिना अनुमति सरकारी वाहन लेकर चला जाता था। चालक के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है तथा संबंधित वाहन का टेंडर निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
हालांकि, इस बयान के बाद भी कई सवाल बने हुए हैं। यदि प्रशासन को पहले से जानकारी थी कि चालक बिना अनुमति बार-बार सरकारी वाहन लेकर जाता है, तो उसे रोकने के लिए पहले क्या कदम उठाए गए? देर रात हुई इस कार्रवाई की अनुमति किसने दी? सरकारी वाहन वहां किस उद्देश्य से पहुंचा था? और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा तथा स्थिति को नियंत्रित किया।
निम्न धाराओं में मामला दर्ज
इस समस्त घटनाक्रम पर पुलिस थाना चंदेरी में अपराध क्रमांक 0447 बीएनएस की धारा 106 (1) 115(2) 125 (ए) 281 के तहत मामला पंजीकृत किया जाकर विवेचना में लिया गया है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि घटना की सभी परिस्थितियों,ड्राइवर और अधिकारियों की मोबाइल लोकेशन कॉल डिटेल, सरकारी वाहन की भूमिका, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तथा दुर्घटना के वास्तविक कारणों की स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि मृतक के परिजनों को न्याय मिल सके।
प्रशासन का पक्ष: एसडीएम के अनुसार चालक के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है और वाहन का टेंडर निरस्त किया जा रहा है। वहीं दुर्घटना और अन्य आरोपों की जांच जारी है।
जांच के अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
1.देर रात 1 बजे तहसीलदार की अनुपस्थिति में सरकारी वाहन किसकी अनुमति से संचालित हो रहा था?
2.तहसीलदार के बिना सरकारी वाहन में ड्राइवर और अन्य लोग किस आदेश पर कार्रवाई कर रहे थे
3.क्या तहसीलदार की गैरमौजूदगी में सरकारी वाहन का उपयोग नियमों के अनुरूप था
4.देर रात हुई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार कौन? सरकारी वाहन किसके निर्देश पर चला
