उज्जैन/कमलेश जाटवा/खबर डिजिटल/ संपूर्ण देश में आस्था और परंपरा का महापर्व मकर संक्रांति श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर भगवान सूर्यनारायण दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर अग्रसर हो गए हैं। आज सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे खगोलीय और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि उत्तरायण की शुरुआत के साथ ही दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं, जिससे प्रकाश, ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है। मकर संक्रांति को विशेष रूप से दान, स्नान और सूर्य उपासना का पर्व माना गया है।
तिल का दान करने का महत्व
मकर संक्रांति के दिन तिल का दान एवं सेवन करने से अनेक प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक विकारों से मुक्ति मिलने की धार्मिक मान्यता है। वहीं सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित करने से नवग्रहों की पीड़ा शांत होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
धार्मिक नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी के तटों पर आज अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पवित्र शिप्रा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन किया गया शिप्रा स्नान विशेष फलदायी होता है और व्यक्ति के पापों का नाश करता है।चारों ओर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण बना हुआ है, और सूर्योपासना के इस महापर्व पर उज्जैन एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित नजर आ रहा है।


