उज्जैन/कमलेश जाटवा/खबर डिजिटल/ नया वर्ष चाहे अंग्रेजी हो या हिन्दी, हर कोई ये चाहता है कि उसकी शुरूआत भगवान के दर्शन और भक्तिभाव के साथ हो, ताकि पूरे साल भगवान का आशीर्वाद बना रहे। वो व उसका परिवार स्वस्थ्य, निरोगी एवं प्रसन्न भाव से जीवन बिता सकें, उसके व्यापार, व्यवसाय में निरंतर वृद्धि हो। इसी भावना के साथ हजारों लोग 1 जनवरी की तड़के बाबा महाकाल के दर पर पहुंचे और भगवान के दर्शनकर अपने नए वर्ष की शुरूआत की।
महादेव की आराधना से साल की शुरुआत
श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ महादेव की आराधना करके खुद को धन्य किया। रात 12 बजे से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ लगने लगी थी। इधर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने चलित भस्म आरती की व्यवस्था की थी। तड़के तय समय पर मंदिर के पट खोले गए और भगवान महाकाल को हरिओम जल चढ़ाया गया। इसके बाद विधिविधान से भगवान का पंचामृत अभिषेक पूजन किया गया। अभिषेक पूजन के बाद भगवान महाकाल का मनोहारी श्रृंगार कर उन्हें भस्म अर्पित की गई। भस्मीभूत होने के बाद सृष्टि के अधिपति की आरती की गई।
दर्शन के लिए की उचित व्यवस्था
सुबह भस्मारती के बाद शुरू हुआ भगवान के दर्शनों का सिलसिला पूरे दिन सतत जारी रहेगा। श्री महाकलेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने भी श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए उनके सुगम दर्शनों के लिए तमाम व्यवस्थाएं जुटाई थी, जिससे आमजनों को कम समय में अच्छे से भगवान के दर्शन हो जाएं। मंदिर आए लोगों ने बताया कि भगवान के दर्शनों के साथ उन्होंने अपने नए वर्ष का आरंभ किया है। भगवान की आरती देखकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। वे बस इतना ही चाहते हैं कि भगवान की कृपा उन पर सदैव ऐसे ही बनी रहे। जीवन में आने वाले हर संकट को भगवान हर लें और सभी सुखी ओर निरोगी रहें।


