Tuesday, November 3, 2026
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गांव-गांव घूमकर किसान रथ दे रहा किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों की जानकारी

सौरभ श्रीवास्तव//खबर डिजिटल फरवरी (12 फरवरी)- कृषक कल्याण वर्ष 2026 “समृद्ध किसान–समृद्ध मध्यप्रदेश” अभियान के अंतर्गत कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर कृषि विभाग का किसान रथ विकासखंड विजयराघवगढ़ के ग्राम तिमुआ, गैरतलाई एवं जरा रोड क्षेत्र में पहुंचकर किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों की जानकारी दे रहा है।

          इस अवसर पर कृषि अभियांत्रिकी विभाग के उपयंत्री श्री संदीप पीपाड़ा ने आधुनिक कृषि यंत्र बेलर की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि बेलर खेत में फैले फसल अवशेष जैसे भूसा, पुआल एवं सूखी घास को एकत्र कर दबाकर गठरी (बेल) बनाता है, जिससे उनका भंडारण एवं परिवहन आसान हो जाता है।

          उन्होंने बताया कि बेलर चलाने से पूर्व खेत में रैक यंत्र चलाया जाता है, जो अवशेषों से कंकड़-पत्थर अलग कर पुआल को सुखाकर एक लाइन में कर देता है। इसके बाद ट्रैक्टर के पीटीओ से संचालित बेलर द्वारा पिक-अप यूनिट फसल अवशेषों को बेल चेंबर में पहुंचाती है, जहां प्लंजर दबाकर निश्चित आकार की बेल तैयार करता है, जिसे नॉटिंग सिस्टम बांध देता है।

          उपयंत्री श्री पीपाड़ा ने बताया कि बेलर दो प्रकार के होते हैं—स्क्वायर बेलर एवं राउंड बेलर।

स्क्वायर बेलर में अत्यधिक दबाव से 20 से 35 किलोग्राम वजन की कठोर गठरी बनती है, जिसमें हवा का संचार कम होने से नमी रहने पर सड़न या फफूंद का खतरा रहता है। यह छोटे खेतों के लिए उपयुक्त है।

          वहीं राउंड बेलर निरंतर प्रक्रिया में कार्य करता है, जिससे 300 से 600 किलोग्राम वजन की गोल बेल बनती है। इसमें अवशेष परत-दर-परत लिपटते हैं, जिससे हवा का संचार बना रहता है और नमी धीरे-धीरे निकल जाती है। यह बड़े खेतों एवं नमी वाले अवशेषों के लिए अधिक उपयोगी है।

          उन्होंने बताया कि बेलर के उपयोग से खेत से फसल अवशेष हट जाते हैं, जिससे पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और पर्यावरण संरक्षण होता है। मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है तथा मित्र कीट सुरक्षित रहते हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है।

साथ ही किसानों को बताया गया कि बेलर से बने बंडलों को गौशाला, डेयरी फार्म, ईंट भट्टा एवं बायो-एनर्जी प्लांट में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। किसान अपने ट्रैक्टर-बेलर से अन्य किसानों के खेतों में कार्य कर प्रति एकड़ शुल्क लेकर भी अच्छा लाभ कमा सकते हैं।

          कार्यक्रम के दौरान उपयंत्री श्री संदीप पीपाड़ा द्वारा कृषि विभाग की अन्य योजनाओं की भी जानकारी किसानों को दी गई।

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