खबर डिजिटल संवाददाता कटनी— शहर की सबसे व्यस्त और परिवारों की पसंदीदा चौपाटी एक बार फिर बड़ी वारदात की दहलीज पर पहुंच गई। शुक्रवार देर रात चौपाटी क्षेत्र में विवाद और चाकूबाजी की आशंका से अफरा-तफरी मच गई। यदि समय रहते पत्रकारों द्वारा पुलिस को सूचना न दी जाती, तो एक और बड़ा खूनी कांड शहर को झकझोर सकता था।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा? कुछ समय पहले इसी चौपाटी क्षेत्र में हुई चाकूबाजी की घटना में तीन युवकों की जान चली गई थी। उस दर्दनाक घटना के बाद सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी वही है। चौपाटी में अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं, जबकि यहां रोजाना सैकड़ों परिवार, महिलाएं और बच्चे घूमने आते हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौपाटी के बाहर नियमों को ताक पर रखकर शराब दुकान संचालित की जा रही है, जिससे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ रहा है। देर रात तक शराबखोरी, हुड़दंग और विवाद आम बात बन चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।रविवार की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कटनी का चौपाटी क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील बन चुका है। सवाल यह है कि तीन युवकों की मौत के बाद भी प्रशासन ने आखिर क्या सबक लिया? क्या किसी और बड़ी वारदात का इंतजार किया जा रहा है?जनता पूछ रही है कि जब खतरे के संकेत बार-बार सामने आ रहे हैं, तब चौपाटी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? आखिर जनता की सुरक्षा से यह खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा?अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस घटना के बाद भी केवल आश्वासन देंगे या चौपाटी को सुरक्षित बनाने के लिए वास्तविक कदम उठाएंगे।
चौपाटी फिर बनी खतरे का अड्डा! आखिर कब जागेगा प्रशासन?
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