गुरुग्राम: होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने अपनी वैश्विक सुरक्षा टैगलाइन “Safety for Everyone” को सार्थक करते हुए देशभर में ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ के तहत व्यापक जागरूकता अभियानों का सफल आयोजन किया। सड़क सुरक्षा को एक जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से आयोजित इन गतिविधियों में विद्यार्थियों, महिला राइडर्स और आम नागरिकों सहित 30,000 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल का मुख्य आकर्षण ‘जयपुर आइडियल रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट’ का शुभारंभ रहा, जो शिक्षा, इंजीनियरिंग और आपातकालीन प्रतिक्रिया के माध्यम से सुरक्षित मोबिलिटी का एक अनूठा मॉडल पेश करता है।
सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी सीएसआर (CSR) प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, होंडा ने विशेष रूप से महिला राइडर्स के लिए रोड सेफ्टी रैलियों का आयोजन किया और व्यक्तिगत सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करने के लिए हेलमेट वितरित किए। कंपनी का यह प्रयास उनके उस वैश्विक विज़न का हिस्सा है, जिसके तहत वर्ष 2050 तक होंडा वाहनों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्यु दर (Zero Fatality) का लक्ष्य रखा गया है। भारत में एचएमएसआई सरकार के 2030 तक सड़क हादसों में होने वाली मौतों को 50% तक कम करने के लक्ष्य के साथ मिलकर कार्य कर रही है, जिसमें बच्चों और युवाओं को भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण को वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए होंडा अपने 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्स (TTP) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटर्स (SDEC) के माध्यम से ‘वर्चुअल राइडिंग सिमुलेटर’ और ‘किकेन योसोकु ट्रेनिंग’ (KYT) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहा है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने 5 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए ‘ई-गुरुकुल’ नामक एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है, जो 6 भाषाओं में उपलब्ध है। एचएमएसआई का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा की एक ऐसी संस्कृति विकसित करना है जहाँ सुरक्षित ड्राइविंग की आदतें हर नागरिक के व्यवहार का स्वाभाविक हिस्सा बन सकें।


